योगी आदित्यनाथ का काशी में पहला जनता दरबार: टीचर की पत्नी ने लगाई गुहार, बोली- पति की हत्या करने वालों को मिले सजा

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहली बार काशी में जनता दरबार लगाया, जहां लोगों की बड़ी संख्या में भीड़ अपनी समस्याओं को लेकर पहुंची। इस दौरान एक टीचर की पत्नी ने रोते हुए मुख्यमंत्री से गुहार लगाई। महिला ने कहा कि उसके पति को दबंगों ने पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया और आज तक हत्यारों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई। पीड़िता ने सीएम योगी से न्याय की मांग करते हुए कहा कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसा दर्द न झेलना पड़े।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने पूरे ध्यान से महिला की बात सुनी और अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और पीड़ित परिवार को हर संभव न्याय दिलाया जाएगा। जनता दरबार में पहुंचे अन्य लोगों ने भी स्वास्थ्य, शिक्षा, भूमि विवाद और प्रशासनिक लापरवाही से जुड़ी शिकायतें रखीं। सीएम योगी ने सभी समस्याओं का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि जनता दरबार में आने वाले प्रत्येक फरियादी को समयबद्ध न्याय मिले।
काशी में आयोजित इस जनता दरबार ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सीएम योगी जनता की समस्याओं के समाधान के लिए कितने गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि जनता दरबार केवल शिकायत सुनने का मंच नहीं है, बल्कि यह जनता और सरकार के बीच विश्वास की कड़ी है। टीचर की पत्नी के मामले ने कानून व्यवस्था और न्याय प्रणाली की गंभीरता को उजागर किया है। सीएम ने आश्वासन दिया कि न केवल हत्यारों को सजा मिलेगी, बल्कि पीड़ित परिवार को सुरक्षा और सहायता भी दी जाएगी।
इस दौरान जनता दरबार में लोगों की भारी भीड़ उमड़ी और हर किसी को उम्मीद रही कि मुख्यमंत्री से मिलने के बाद उनकी समस्या का समाधान अवश्य होगा। काशी की धरती पर पहली बार आयोजित यह जनता दरबार उत्तर प्रदेश में जनता के साथ सरकार के मजबूत संबंध की मिसाल बनकर उभरा।



