उत्तराखंड: अल्पसंख्यक छात्रों के लिए कक्षा 9-12 का धार्मिक पाठ्यक्रम तैयार

उत्तराखंड में अल्पसंख्यक समुदायों के शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थियों के लिए धार्मिक शिक्षा का पाठ्यक्रम तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ी है। कक्षा 9 से 12 तक के लिए तैयार पाठ्यक्रम को लेकर अब राज्य सरकार से मंजूरी ली जाएगी। मंजूरी मिलने के बाद ही इसके क्रियान्वयन से संबंधित अगला कदम स्पष्ट होगा।
अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण ने तैयार किया पाठ्यक्रम
राज्य में अल्पसंख्यक संस्थानों की शिक्षा व्यवस्था उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के दायरे में है। प्राधिकरण पाठ्यक्रम तय करने और संस्थानों की शैक्षणिक व्यवस्था से जुड़े मामलों की देखरेख करता है। नए ढांचे के तहत धार्मिक शिक्षा के साथ निर्धारित शैक्षणिक मानकों और अन्य विषयों की पढ़ाई से जुड़े नियमों का पालन भी जरूरी है।
धार्मिक पाठ्यक्रम को लागू करने से पहले सरकार की स्वीकृति अहम होगी। इसके बाद पाठ्यक्रम की अंतिम रूपरेखा, इसे पढ़ाने की व्यवस्था और संबंधित संस्थानों के लिए लागू होने वाले निर्देशों की स्थिति स्पष्ट होगी। विद्यार्थियों और संस्थानों को इस संबंध में जारी होने वाली आधिकारिक अधिसूचना पर नजर रखनी चाहिए।
अल्पसंख्यक शिक्षा व्यवस्था में बदलाव
उत्तराखंड में एक जुलाई 2026 से मदरसा बोर्ड की जगह नई अल्पसंख्यक शिक्षा व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को निर्धारित मान्यता और शैक्षणिक मानकों का पालन करना होता है। नए पाठ्यक्रम से जुड़ा अगला कदम भी इसी व्यवस्था के अंतर्गत आगे बढ़ेगा।



