उत्तराखंड में बनेंगी 528 सड़कें और 19 पुल, 3,172 किमी का होगा विस्तार

उत्तराखंड के ग्रामीण और सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क कनेक्टिविटी बेहतर बनाने की दिशा में बड़ी पहल की गई है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत प्रदेश में 528 सड़कों और 19 पुलों के निर्माण की योजना है। इन प्रस्तावित सड़कों की कुल लंबाई 3,172 किलोमीटर होगी। परियोजनाओं के आगे बढ़ने से दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों और दूरस्थ गांवों तक आवागमन की सुविधा बेहतर होने की उम्मीद है।
अंतिम मंजूरी की प्रक्रिया में 528 सड़कें और 19 पुल
पीएमजीएसवाई के चौथे चरण के दूसरे चरण के अंतर्गत राज्य सरकार ने 528 सड़कों और 19 पुलों के निर्माण के प्रस्ताव तैयार किए हैं। इन प्रस्तावों को अंतिम मूल्यांकन और स्वीकृति के लिए अधिकार प्राप्त समिति के सामने प्रस्तुत किया गया है। केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र भेजकर इस प्रक्रिया की जानकारी दी है।
बताया गया कि 30 सितंबर 2026 को आयोजित तकनीकी-आर्थिक समिति की बैठक में इन प्रस्तावों पर विचार किया गया था। आवश्यक अनुमोदन के बाद इन्हें अंतिम स्वीकृति की प्रक्रिया में आगे बढ़ाया गया है।
सीमावर्ती और दुर्गम गांवों को मिलेगा फायदा
उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में भौगोलिक परिस्थितियों के कारण कई गांवों तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण रहता है। सड़क और पुलों का नेटवर्क मजबूत होने से ग्रामीणों को मुख्य मार्गों तक पहुंचने में सुविधा मिल सकती है। इसका लाभ विद्यार्थियों, मरीजों, किसानों और स्थानीय कारोबार से जुड़े लोगों को भी मिलने की उम्मीद है।
बेहतर सड़क संपर्क से ग्रामीणों को शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचने, कृषि उत्पाद बाजार तक पहुंचाने तथा रोजगार के अवसरों से जुड़ने में मदद मिल सकती है। सीमावर्ती क्षेत्रों में आवागमन और संपर्क व्यवस्था मजबूत करने के लिहाज से भी ये परियोजनाएं महत्वपूर्ण हैं।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में 333 किलोमीटर सड़क बनाने का लक्ष्य
केंद्रीय मंत्री की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 में उत्तराखंड के लिए पीएमजीएसवाई के तहत 333 किलोमीटर सड़क निर्माण का भौतिक लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए 420 करोड़ रुपये का वित्तीय आवंटन तय किया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 35 किलोमीटर सड़क निर्माण का काम पूरा किया गया है। इसके अलावा मदर रूट के सुदृढ़ीकरण से जुड़े कार्यों पर भी प्रगति दर्ज की गई है।
वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत भी सड़क निर्माण
वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के अंतर्गत स्वीकृत पांच सड़क कार्यों में से 44 किलोमीटर सड़क का निर्माण पूरा हो चुका है। इससे सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी संपर्क व्यवस्था मजबूत करने के प्रयासों को गति मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री धामी ने केंद्र सरकार का जताया आभार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सड़क और पुल निर्माण प्रस्तावों पर सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से प्रदेश के दूरस्थ और सीमावर्ती क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा तथा ग्रामीण विकास को गति मिलेगी।
महत्वपूर्ण तथ्य: 528 सड़कों और 19 पुलों के प्रस्ताव अंतिम मूल्यांकन एवं स्वीकृति की प्रक्रिया में हैं। इन्हें पूरी तरह मंजूर या निर्मित परियोजनाएं बताना अभी सही नहीं होगा।



