
चीन ने अगली पीढ़ी की संचार तकनीक 6G के ट्रायल को मंजूरी देकर टेक्नोलॉजी की दुनिया में बड़ी छलांग लगाई है। इस फैसले के साथ ही चीन ने यह संकेत दिया है कि वह भविष्य की इंटरनेट और नेटवर्क तकनीक में अग्रणी भूमिका निभाने की तैयारी कर रहा है। 6G तकनीक से डेटा ट्रांसफर स्पीड, कनेक्टिविटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव आने की उम्मीद है।
इस विकास के बाद वैश्विक स्तर पर टेलीकॉम प्रतिस्पर्धा और तेज हो गई है। अब सवाल यह उठ रहा है कि भारत इस दौड़ में कब और कितनी तेजी से आगे बढ़ेगा। भारत पहले ही 5G रोलआउट में तेजी दिखा चुका है, लेकिन 6G के लिए रिसर्च और डेवलपमेंट अभी शुरुआती चरण में है।
विशेषज्ञों का मानना है कि 6G सिर्फ तेज इंटरनेट नहीं होगा, बल्कि यह स्मार्ट सिटी, ऑटोमेशन, हेल्थकेयर और इंडस्ट्री 4.0 जैसे क्षेत्रों में बड़े बदलाव लाएगा। ऐसे में आने वाले वर्षों में यह तकनीक वैश्विक शक्ति संतुलन को भी प्रभावित कर सकती है।



