


इस्लामाबाद में हुई हालिया वार्ता को लेकर पाकिस्तान एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस महत्वपूर्ण बातचीत के बाद किसी भी तरह की औपचारिक प्रेस ब्रीफिंग नहीं की गई और जानकारी केवल व्हाट्सएप संदेशों के जरिए साझा की गई।
इस व्यवस्था पर पत्रकारों ने नाराजगी जताते हुए पारदर्शिता की कमी पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि ऐसे संवेदनशील मामलों में आधिकारिक और स्पष्ट संवाद जरूरी होता है, ताकि गलतफहमी और भ्रम की स्थिति न बने।
इस घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय मीडिया में भी चर्चा तेज हो गई है और पाकिस्तान की संचार नीति पर सवाल उठने लगे हैं।