पूर्व DGP ने सीएम योगी को भेंट की अपनी किताब, यूपी पुलिस के अभियानों को बताया क्राइम कंट्रोल की नई दिशा

उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था में पिछले कुछ वर्षों में बड़े पैमाने पर बदलाव देखने को मिले हैं। राज्य की छवि को अपराध और अराजकता से जोड़कर देखा जाता था, लेकिन मौजूदा समय में हालात काफी हद तक बदल चुके हैं। इसी बदलाव और उपलब्धियों को केंद्र में रखकर उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) ने अपनी लिखी किताब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेंट की। इस पुस्तक को उन्होंने यूपी पुलिस के अभियानों का जीवंत दस्तावेज बताया है, जिसने क्राइम कंट्रोल को नई दिशा देने का काम किया।
पूर्व DGP का मानना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की पुलिस ने जिस सख्ती और रणनीति के साथ काम किया, उसने अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने और अपराध दर को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाई। चाहे वह माफियाओं पर चलाए गए अभियान हों, अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई हो, महिला सुरक्षा के लिए बनाई गई विशेष इकाइयाँ हों या फिर साइबर क्राइम के खिलाफ उठाए गए ठोस कदम—हर स्तर पर पुलिस ने नई ऊर्जा और प्रतिबद्धता के साथ काम किया। यही कारण है कि आज यूपी पुलिस की छवि न केवल देश में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सकारात्मक रूप से देखी जा रही है।
किताब में विस्तार से उन अभियानों का जिक्र है जिनमें पुलिस ने संगठित अपराध को खत्म करने के लिए एनकाउंटर पॉलिसी और गैंगस्टर एक्ट जैसे सख्त प्रावधानों का इस्तेमाल किया। इसके साथ ही तकनीक के सहारे अपराध की रोकथाम और त्वरित जांच की दिशा में उठाए गए कदमों को भी रेखांकित किया गया है। ‘महिला शक्ति मिशन’ और ‘एंटी रोमियो स्क्वॉड’ जैसे अभियानों का उल्लेख यह दर्शाता है कि यूपी पुलिस ने समाज के हर वर्ग के हित में योजनाएं बनाई और लागू कीं।
पूर्व DGP ने इस पुस्तक को केवल घटनाओं का संकलन नहीं बल्कि एक प्रेरणादायी दस्तावेज बताया है, जिससे आने वाली पीढ़ियों को समझने में मदद मिलेगी कि किस तरह से मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति और पुलिस प्रशासन की सख्ती से किसी भी राज्य की तस्वीर बदली जा सकती है। उन्होंने कहा कि यूपी पुलिस ने यह साबित कर दिया है कि अगर नीयत साफ हो और योजनाओं पर ईमानदारी से अमल किया जाए तो अपराध पर नियंत्रण पाना मुश्किल नहीं है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस पुस्तक को प्राप्त करते हुए पूर्व DGP की मेहनत और दृष्टिकोण की सराहना की। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था किसी भी राज्य की प्रगति का आधार होती है और उत्तर प्रदेश ने इस दिशा में एक नई पहचान बनाई है। यह किताब आने वाले समय में शोधार्थियों, अधिकारियों और आम जनता के लिए एक मार्गदर्शक साबित होगी।



