
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दीपावली के पावन अवसर पर देशवासियों के नाम एक भावनात्मक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने “स्वदेशी अपनाने” और “सभी भारतीय भाषाओं का सम्मान करने” का आह्वान किया है। पीएम मोदी ने कहा कि दीपावली सिर्फ रोशनी और खुशियों का त्योहार नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, आत्मनिर्भरता और एकता का प्रतीक भी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि इस बार त्योहार में देश में बने उत्पादों को प्राथमिकता दें और स्थानीय कारीगरों, छोटे उद्योगों व हस्तशिल्पकारों को प्रोत्साहित करें।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में लिखा कि “हर बार जब हम किसी स्वदेशी उत्पाद को खरीदते हैं, तो न केवल एक वस्तु लेते हैं बल्कि किसी भारतीय परिवार की मेहनत और आत्मविश्वास को भी सम्मान देते हैं।” उन्होंने “वोकल फॉर लोकल” के मंत्र को दोहराते हुए कहा कि जब देश के नागरिक स्थानीय उत्पादों का उपयोग करेंगे, तभी ‘आत्मनिर्भर भारत’ का सपना साकार होगा।
पीएम मोदी ने सभी भाषाओं के सम्मान पर जोर देते हुए कहा कि भारत की विविधता ही उसकी असली ताकत है। उन्होंने कहा, “हर भाषा में भावनाएं, परंपरा और संस्कृति बसती है। हमें हर भाषा का आदर करना चाहिए, क्योंकि भाषाएं भारत को जोड़ने का माध्यम हैं, बांटने का नहीं।”
प्रधानमंत्री ने अपने पत्र में दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह त्योहार सभी के जीवन में समृद्धि, स्वास्थ्य और सौहार्द लेकर आए। उन्होंने कहा कि दीपों की रोशनी हमें यह संदेश देती है कि अंधकार कितना भी गहरा क्यों न हो, एक छोटा दीपक भी उसे दूर कर सकता है।
मोदी ने यह भी कहा कि भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है और विश्व में एक नई पहचान बना रहा है। “जब हम एकजुट होकर स्वदेशी की भावना के साथ आगे बढ़ेंगे, तभी हमारे देश की आत्मा और मजबूत होगी,” उन्होंने कहा।
पीएम मोदी का यह पत्र सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है और लोगों ने इसे प्रेरणादायक बताया। कई नागरिकों ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यह संदेश सिर्फ दीपावली के लिए नहीं, बल्कि भारत के उज्जवल भविष्य के लिए मार्गदर्शक है।



