धर्म-आस्था
कालभैरव जयंती 2025: तिथि और पूजा विधि
कालभैरव जयंती भगवान भैरव को समर्पित एक महत्वपूर्ण पर्व है, जिसे हिंदू धर्म में विशेष श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। 2025 में यह पर्व विशेष तिथि पर आएगा, जब भक्त इस दिन कालभैरव की पूजा और आराधना करते हैं।
इस दिन का शुभ मुहूर्त सुबह और संध्या के समय में होता है। पूजा के दौरान भगवान कालभैरव की प्रतिमा या तस्वीर के सामने दीपक, धूप, जल, फल और फूल अर्पित किए जाते हैं। भक्त इस दिन विशेष रूप से कालभैरव मंत्र का जाप कर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की कामना करते हैं।
कालभैरव जयंती पर उपवास भी रखने का विधान है, जिससे व्यक्ति जीवन में संकट और बाधाओं से मुक्ति पा सकता है। इस अवसर पर विशेष पूजा विधि और मंत्र जाप करने से भगवान कालभैरव की कृपा बनी रहती है और जीवन में सुरक्षा, शांति एवं समृद्धि आती है।



