रामलला प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ पर CM योगी का बड़ा बयान, बोले- तुष्टिकरण ने अयोध्या को बनाया था उपद्रव का अड्डा

रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या को लेकर बड़ा और सख्त बयान दिया। उन्होंने कहा कि एक समय सत्ता के तुष्टिकरण की राजनीति के चलते अयोध्या को ‘उपद्रव का अड्डा’ बना दिया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन दलों ने वोट बैंक की राजनीति के लिए आस्था के केंद्र अयोध्या की उपेक्षा की, उन्होंने न केवल सनातन संस्कृति को ठेस पहुंचाई बल्कि सामाजिक सौहार्द को भी नुकसान पहुंचाया।
सीएम योगी ने कहा कि प्रभु श्रीराम भारत की आस्था, मर्यादा और राष्ट्रीय चेतना के प्रतीक हैं। अयोध्या केवल एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि भारत की सांस्कृतिक आत्मा है। पूर्ववर्ती सरकारों ने राम जन्मभूमि जैसे संवेदनशील मुद्दे को राजनीतिक स्वार्थ के लिए लटकाए रखा, जिससे बार-बार तनाव और अशांति की स्थिति उत्पन्न होती रही। उन्होंने कहा कि तुष्टिकरण की राजनीति ने अयोध्या की पहचान को बदनाम करने का काम किया, जबकि सच्चाई यह है कि अयोध्या सदियों से शांति, भक्ति और मर्यादा की नगरी रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर आंदोलन से जुड़े साधु-संतों और रामभक्तों के बलिदान को याद करते हुए कहा कि आज उन्हीं के संघर्ष का परिणाम है कि रामलला भव्य मंदिर में विराजमान हैं। उन्होंने कहा कि रामलला की प्राण प्रतिष्ठा केवल धार्मिक आयोजन नहीं था, बल्कि यह भारत के आत्मसम्मान और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक है।
सीएम योगी ने आगे कहा कि आज अयोध्या में विकास और विरासत साथ-साथ आगे बढ़ रहे हैं। राम मंदिर के निर्माण के बाद अयोध्या विश्व पटल पर एक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र के रूप में उभर रही है। सड़क, रेलवे, एयरपोर्ट और पर्यटन से जुड़ी सुविधाओं का तेजी से विकास हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार और नई पहचान मिली है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वर्तमान सरकार की नीति ‘सबका साथ, सबका विकास’ की है, जिसमें किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जाता। उन्होंने विश्वास जताया कि अयोध्या अब उपद्रव नहीं बल्कि एकता, आस्था और विकास की मिसाल बनेगी और आने वाली पीढ़ियों को भारत की गौरवशाली परंपरा से जोड़ने का कार्य करेगी।



