लोकतंत्र को सशक्त बनाएगा पीठासीन अधिकारियों का सम्मेलन: प्रधानमंत्री संदेश

लोकतंत्र को मजबूत करेगा पीठासीन अधिकारियों का सम्मेलन’ विषय पर आयोजित सम्मेलन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की उपस्थिति में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का संदेश पढ़कर सुनाया। प्रधानमंत्री के संदेश में लोकतांत्रिक मूल्यों, संसदीय मर्यादाओं और विधायी संस्थाओं की भूमिका को और अधिक सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि पीठासीन अधिकारी लोकतंत्र की आत्मा के संरक्षक होते हैं और उनकी निष्पक्षता, गरिमा तथा संवैधानिक प्रतिबद्धता से ही जनविश्वास मजबूत होता है।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि यह सम्मेलन विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पीठासीन अधिकारियों को एक साझा मंच प्रदान करता है, जहां वे अपने अनुभव साझा कर सकते हैं और संसदीय कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के उपायों पर विचार कर सकते हैं। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि सदन की कार्यवाही केवल बहस तक सीमित न रहकर समाधान और नीति निर्माण का सशक्त माध्यम बने।
सतीश महाना ने प्रधानमंत्री का संदेश पढ़ते हुए कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक है कि सदन में स्वस्थ संवाद, अनुशासन और सहयोग की भावना बनी रहे। उन्होंने बताया कि पीठासीन अधिकारियों की जिम्मेदारी केवल कार्यवाही संचालित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि सदन की गरिमा बनाए रखना, सभी सदस्यों को समान अवसर देना और संविधान की मर्यादाओं का पालन सुनिश्चित करना भी उनका कर्तव्य है।
सम्मेलन में यह भी चर्चा हुई कि तकनीक के माध्यम से विधानसभाओं को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जा सकता है। डिजिटल संसाधनों, ई-विधान और पेपरलेस कार्यप्रणाली से न केवल समय और संसाधनों की बचत होगी, बल्कि आम जनता तक विधायी कार्यों की जानकारी भी सहजता से पहुंचेगी। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में नवाचार और तकनीकी समावेशन को लोकतंत्र के भविष्य के लिए आवश्यक बताया।
अंत में प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि पीठासीन अधिकारियों का यह सम्मेलन संसदीय परंपराओं को और मजबूत करेगा तथा लोकतंत्र को नई ऊर्जा प्रदान करेगा। सम्मेलन से निकले विचार और सुझाव देश की विधायी संस्थाओं को अधिक प्रभावी, उत्तरदायी और जनोन्मुखी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इस प्रकार यह आयोजन भारतीय लोकतंत्र को सुदृढ़ करने की दिशा में एक सार्थक और दूरगामी कदम सिद्ध होगा।



