
क्यूबा के राजदूत ने हाल ही में एक प्रेस वार्ता में स्पष्ट किया कि क्यूबा के लोग किसी भी बाहरी दबाव या ताकत के सामने नहीं झुकेंगे। उन्होंने कहा कि अमेरिकी नीति का मुख्य उद्देश्य हमेशा से ही क्यूबा के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करना और वहां की स्वतंत्रता को कमजोर करना रहा है। राजदूत ने जोर देकर कहा कि क्यूबा की सरकार और जनता पूरी तरह से एकजुट हैं और किसी भी विदेशी ताकत के दखल को किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि क्यूबा के लोगों ने इतिहास में कई बार यह साबित किया है कि वे किसी भी बाहरी दबाव के सामने अपनी संप्रभुता और स्वतंत्रता की रक्षा करने में सक्षम हैं।
राजदूत ने यह भी उल्लेख किया कि अमेरिका की विभिन्न नीतियां, चाहे आर्थिक प्रतिबंध हों या राजनीतिक दबाव, हमेशा क्यूबा की जनता को प्रभावित करने के उद्देश्य से बनायी जाती रही हैं। लेकिन क्यूबा की जनता ने इन सभी चुनौतियों का सामना साहस और दृढ़ता के साथ किया है। उन्होंने कहा कि क्यूबा की सरकार और जनता किसी भी स्थिति में अपने स्वाभिमान और राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं करेंगे। इस दौरान राजदूत ने यह भी कहा कि क्यूबा की नीति हमेशा शांति, सहयोग और अंतरराष्ट्रीय न्याय के सिद्धांतों पर आधारित रही है, और यह नीति भविष्य में भी जारी रहेगी।
क्यूबा के राजदूत ने अमेरिकी नीति की आलोचना करते हुए कहा कि यह केवल राजनीतिक दबाव और अंतरराष्ट्रीय मान्यता पाने का एक साधन है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि क्यूबा की जनता और सरकार हमेशा अपनी स्वतंत्रता के पक्ष में खड़ी रहेगी और किसी भी बाहरी ताकत के दबाव में नहीं आएगी। उन्होंने यह भी जोर दिया कि क्यूबा हमेशा अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने अधिकारों और हितों की रक्षा करता रहेगा और यह किसी भी विदेशी नीति से प्रभावित नहीं होगा।
राजदूत के इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह संदेश दिया कि क्यूबा के लोग और सरकार किसी भी दबाव में नहीं झुकेंगे और उनके राष्ट्रीय हित सर्वोपरि हैं। उन्होंने अंत में कहा कि क्यूबा हमेशा अपने लोगों की भलाई, स्वतंत्रता और संप्रभुता के लिए काम करता रहेगा, और किसी भी विदेशी हस्तक्षेप को सहन नहीं करेगा।



