
भारत के नौवें सिख गुरु, गुरु तेग बहादुर को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार सिख समुदाय के सम्मान, सुरक्षा और न्याय के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने गुरु तेग बहादुर के अद्वितीय बलिदान को भारतीय इतिहास का स्वर्णिम अध्याय बताते हुए कहा कि उनका जीवन धार्मिक स्वतंत्रता, मानवाधिकार और सत्य के प्रति अटूट आस्था का प्रतीक है। प्रधानमंत्री ने कहा कि गुरु तेग बहादुर ने अन्याय और अत्याचार के खिलाफ डटकर खड़े होकर न केवल सिख धर्म बल्कि पूरे मानव समाज की रक्षा की। उनका बलिदान इस बात का संदेश देता है कि सत्य और धर्म की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाया जा सकता है।
पीएम मोदी ने अपने संदेश में यह भी कहा कि देश की विविधता और सांस्कृतिक विरासत को सहेजना हम सबकी जिम्मेदारी है, और गुरु तेग बहादुर का जीवन हमें यही प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने सिख समुदाय की भावनाओं और ऐतिहासिक महत्व के स्थलों के संरक्षण के लिए कई कदम उठाए हैं। गुरु तेग बहादुर के आदर्श आज भी देशवासियों को एकजुटता, साहस और त्याग की राह दिखाते हैं। प्रधानमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे गुरु तेग बहादुर के जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। उनके बलिदान को याद करना केवल श्रद्धांजलि देना नहीं, बल्कि उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लेना भी है। पीएम मोदी ने अंत में कहा कि गुरु तेग बहादुर का संदेश आने वाली पीढ़ियों को भी सत्य, न्याय और मानवता की रक्षा के लिए प्रेरित करता रहेगा।



