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ईरान तनाव के बीच ट्रंप का नया दांव, टैरिफ से जुटाए 166 बिलियन डॉलर अमेरिकी नागरिकों को लौटाने की योजना

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईरान से जुड़े युद्ध जैसे हालात के बीच अमेरिका की राजनीति में एक बड़ा आर्थिक मुद्दा सामने आया है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि वे अपने कार्यकाल के दौरान टैरिफ के जरिए वसूले गए करीब 166 बिलियन डॉलर की रकम को अमेरिकी नागरिकों को लौटाने की योजना बना रहे हैं। यह रकम मुख्य रूप से चीन सहित कई देशों से आयातित वस्तुओं पर लगाए गए अतिरिक्त शुल्क के जरिए इकट्ठा की गई थी। ट्रंप प्रशासन ने उस समय घरेलू उद्योगों को बढ़ावा देने और व्यापार घाटा कम करने के लिए कड़े टैरिफ लगाए थे। हालांकि इन टैरिफ का असर अमेरिकी कंपनियों और उपभोक्ताओं पर भी पड़ा, क्योंकि कई उत्पादों की कीमतें बढ़ गई थीं। अब ट्रंप का कहना है कि इस रकम को ‘टैरिफ रिफंड’ या ‘अमेरिकन डिविडेंड’ के रूप में सीधे नागरिकों तक पहुंचाया जा सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रस्तावित योजना के तहत इस राशि का एक हिस्सा टैक्स राहत, डायरेक्ट पेमेंट या अन्य आर्थिक पैकेज के रूप में दिया जा सकता है, ताकि महंगाई और वैश्विक अस्थिरता के दौर में आम लोगों को राहत मिल सके। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव के बीच यह प्रस्ताव अमेरिकी अर्थव्यवस्था को स्थिर रखने की रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी रकम को लौटाने के लिए सरकार को स्पष्ट वित्तीय ढांचा तैयार करना होगा, क्योंकि टैरिफ से प्राप्त राशि पहले ही सरकारी राजस्व में शामिल हो चुकी है। वहीं आलोचकों का कहना है कि यह कदम राजनीतिक रूप से लोकप्रिय बनने की कोशिश भी हो सकता है, खासकर ऐसे समय में जब अमेरिका में चुनावी माहौल तेज हो रहा है। फिलहाल ट्रंप की इस योजना पर आर्थिक विशेषज्ञों और राजनीतिक विश्लेषकों के बीच बहस जारी है। यदि यह योजना लागू होती है, तो यह अमेरिकी आर्थिक नीतियों में एक अनोखा प्रयोग साबित हो सकता है, जहां अंतरराष्ट्रीय व्यापार से मिली आय सीधे नागरिकों तक पहुंचाने की कोशिश की जाएगी।

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