गणेश जी को दूर्वा क्यों चढ़ाई जाती है? संकष्टी चतुर्थी नियम

हिंदू धर्म में भगवान श्री गणेश की पूजा में दूर्वा घास का विशेष महत्व माना गया है। ऐसा विश्वास है कि दूर्वा चढ़ाए बिना गणेश पूजा अधूरी मानी जाती है। विशेष रूप से एकदंत संकष्टी चतुर्थी जैसे पर्व पर इन नियमों का पालन करना अत्यंत शुभ माना जाता है। दूर्वा को भगवान गणेश की प्रिय वस्तु माना गया है, जो भक्ति और पवित्रता का प्रतीक है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दूर्वा घास भगवान गणेश को अत्यंत प्रिय है क्योंकि यह पवित्रता, जीवन शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक मानी जाती है। इसलिए पूजा में इसका उपयोग अनिवार्य माना गया है।
संकष्टी चतुर्थी के दिन गणेश जी की पूजा करते समय 21 दूर्वा की गांठें अर्पित करना विशेष रूप से शुभ माना जाता है। इससे विघ्न दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होने की मान्यता है।
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार पूजा में नियमों का पालन करने से ही पूर्ण फल की प्राप्ति होती है। इसलिए गणेश पूजा में दूर्वा का सही तरीके से उपयोग करना अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है और इसे भक्ति का आवश्यक अंग कहा गया है।



