धर्म-आस्था
देवगुरु बृहस्पति कैसे बने पूज्य? महादेव के वरदान की कथा

Brihaspati हिंदू धर्म में देवताओं के गुरु माने जाते हैं और उन्हें ज्ञान, बुद्धि और धर्म का प्रतीक माना जाता है। उनकी पूजा विशेष रूप से गुरुवार के दिन की जाती है।
पौराणिक कथाओं के अनुसार, उनकी विद्वता और तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें विशेष वरदान दिया, जिसके बाद वे देवताओं के गुरु के रूप में प्रतिष्ठित हुए।
Shiva के वरदान से बृहस्पति को देवताओं में सर्वोच्च स्थान प्राप्त हुआ और उन्हें धर्म, नीति और ज्ञान का मार्गदर्शक माना जाने लगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवगुरु बृहस्पति की पूजा करने से बुद्धि, समृद्धि और जीवन में सकारात्मकता आती है, साथ ही निर्णय क्षमता भी मजबूत होती है।



