धर्म-आस्था
रोहिणी नक्षत्र में सूर्य गोचर: नौतपा में सूर्य उपासना के लाभ और कुंडली दोष


Solar transit के दौरान जब सूर्य Rohini Nakshatra में प्रवेश करते हैं, तब नौतपा के नौ दिन अत्यधिक गर्मी और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इस अवधि को सूर्य देव की उपासना के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है।
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इन दिनों में की गई सूर्य आराधना से कुंडली में मौजूद दोषों के प्रभाव कम हो सकते हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
Astrology के अनुसार, सूर्य उपासना से आत्मविश्वास, स्वास्थ्य और मानसिक शक्ति में वृद्धि होती है, जिससे व्यक्ति जीवन की चुनौतियों का बेहतर तरीके से सामना कर पाता है।
धार्मिक मान्यताओं में नौतपा के दौरान नियमित जल अर्पण और मंत्र जाप को विशेष फलदायी माना गया है, जिससे जीवन में शांति और समृद्धि आती है।