धर्म-आस्था
भगवान की परिक्रमा घड़ी की दिशा में क्यों की जाती है? जानें नियम और कारण


Hindu Rituals के अनुसार मंदिर में भगवान की परिक्रमा हमेशा घड़ी की दिशा (clockwise) में करने की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है। इसे शुभ और ऊर्जा के प्राकृतिक प्रवाह के अनुरूप माना जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दाईं दिशा (clockwise) को सकारात्मक ऊर्जा और सृष्टि के क्रम से जोड़ा जाता है। इसलिए भक्त भगवान के चारों ओर इसी दिशा में चलते हुए श्रद्धा और समर्पण प्रकट करते हैं। इससे मन एकाग्र होता है और पूजा में ध्यान केंद्रित रहता है।
यह परंपरा केवल आस्था ही नहीं बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक अनुशासन का भी प्रतीक मानी जाती है, जिसे सदियों से हिंदू धर्म में पालन किया जा रहा है।