धर्म-आस्था
28 मई प्रदोष व्रत: आखिरी प्रदोष का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि से चमकेगी किस्मत

Pradosh Vrat हिंदू धर्म में भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना का अत्यंत शुभ अवसर माना जाता है। 28 मई को मई माह का अंतिम प्रदोष व्रत पड़ रहा है, जिसे विशेष फलदायी और शुभ माना जा रहा है। इस दिन श्रद्धालु संध्या काल में शिवलिंग की पूजा कर व्रत का पालन करते हैं, जिससे जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति की मान्यता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रदोष काल में की गई पूजा विशेष रूप से फल देती है क्योंकि यह समय भगवान शिव को अत्यंत प्रिय माना जाता है। इस दौरान की गई आराधना से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और जीवन में सकारात्मक बदलाव आने की संभावना बढ़ती है।
Shiva Purana में भी शिव आराधना के महत्व का विस्तार से वर्णन मिलता है। भक्त इस दिन उपवास रखकर और विधि-विधान से पूजा कर अपने जीवन में सुख-समृद्धि और सौभाग्य की कामना करते हैं।



