AI से नकली बैंकिंग ऐप बनाने वाला युवक यूपी से गिरफ्तार, सूरत साइबर क्राइम की कार्रवाई

साइबर अपराध के एक मामले में सूरत साइबर क्राइम सेल ने उत्तर प्रदेश से 18 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि युवक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से नकली बैंकिंग एप और APK फाइल तैयार कर रहा था, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर ऑनलाइन ठगी के लिए किया जा सकता था।
जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी ने तकनीक का उपयोग कर ऐसे फर्जी एप्लिकेशन तैयार किए जो देखने में असली बैंकिंग एप जैसे लग सकते थे। इन एप के जरिए लोगों की निजी और बैंकिंग जानकारी हासिल करने की कोशिश की जा रही थी। मामले की जांच के दौरान साइबर टीम ने आरोपी तक पहुंच बनाई।
साइबर क्राइम सेल ने बताया कि डिजिटल अपराधों में लगातार नए तरीके सामने आ रहे हैं। अपराधी अब आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर लोगों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसके चलते साइबर सुरक्षा को लेकर सतर्कता और जागरूकता जरूरी हो गई है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने कितने लोगों को निशाना बनाया और इस नेटवर्क में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है या नहीं। साथ ही बरामद डिजिटल सामग्री और तकनीकी सबूतों की जांच की जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अनजान APK फाइल डाउनलोड करने, संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने और निजी बैंकिंग जानकारी साझा करने से बचना चाहिए। किसी भी बैंकिंग ऐप को हमेशा आधिकारिक ऐप स्टोर या बैंक की अधिकृत वेबसाइट से ही डाउनलोड करना सुरक्षित माना जाता है।



