Kanpur Kherapati Temple: नाग पंचमी पर असली नागों से होता है भगवान विष्णु का दिव्य शृंगार

उत्तर प्रदेश के कानपुर में स्थित खेरेपति मंदिर अपनी अनोखी धार्मिक परंपराओं के लिए जाना जाता है। नाग पंचमी के अवसर पर यहां होने वाली विशेष पूजा श्रद्धालुओं के बीच काफी प्रसिद्ध है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु का विशेष शृंगार नागों के साथ किया जाता है, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते हैं।
स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, नाग पंचमी के दिन मंदिर में नाग देवता की पूजा का विशेष महत्व होता है। कहा जाता है कि भगवान विष्णु का संबंध शेषनाग से भी जुड़ा है, इसलिए इस दिन नागों की पूजा और सम्मान की परंपरा निभाई जाती है।
मंदिर में होने वाली पूजा के दौरान नागों को भगवान के आभूषण के रूप में प्रस्तुत करने की परंपरा लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र रहती है। श्रद्धालु इसे आस्था और धार्मिक परंपरा से जोड़कर देखते हैं।
खेरेपति मंदिर में सालभर भक्त दर्शन के लिए आते हैं, लेकिन नाग पंचमी के दिन यहां का माहौल विशेष रूप से धार्मिक और उत्सवपूर्ण हो जाता है। पूजा-अर्चना, मंत्रोच्चार और विशेष सजावट मंदिर की रौनक बढ़ा देते हैं।
भारतीय संस्कृति में नाग पूजा की परंपरा प्राचीन समय से चली आ रही है। कई स्थानों पर नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा कर सुख-समृद्धि और सुरक्षा की कामना की जाती है।
खेरेपति मंदिर की यह परंपरा कानपुर की धार्मिक पहचान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। हालांकि, ऐसी मान्यताएं स्थानीय आस्था और परंपराओं से जुड़ी होती हैं, जिनका सम्मान श्रद्धालु अपनी धार्मिक भावना के अनुसार करते हैं।



