Raksha Bandhan 2026: शनि की साढ़ेसाती से परेशान हैं भाई तो राखी के दिन करें ये उपाय

Raksha Bandhan 2026: रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम और सुरक्षा के संकल्प का पर्व है। इस दिन बहन भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसकी सुख-समृद्धि और लंबी उम्र की कामना करती है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार अगर भाई शनि की साढ़ेसाती से गुजर रहा हो, तो रक्षाबंधन के दिन कुछ विशेष धार्मिक उपाय किए जा सकते हैं।
बहन करें यह उपाय: संबंधित रिपोर्ट में बताया गया है कि रक्षाबंधन के दिन बहन भाई का तिलक करके उसकी आरती करे और उसके कल्याण की प्रार्थना करे। इसके साथ शनि देव से जुड़े मंत्र का श्रद्धापूर्वक स्मरण करने की बात कही गई है। इसे भाई के ऊपर शनि के प्रतिकूल प्रभाव को शांत करने की धार्मिक मान्यता से जोड़ा जाता है।
राखी बांधते समय बहन भाई के लिए सुख, स्वास्थ्य, दीर्घायु और समृद्धि की कामना कर सकती है। इसके बाद भाई अपनी बहन को सामर्थ्य के अनुसार उपहार देकर उसके सम्मान और सुरक्षा का संकल्प दोहरा सकता है।
ज्योतिष में शनि की साढ़ेसाती को शनि के गोचर से जुड़ी लगभग साढ़े सात वर्ष की अवधि माना जाता है। इस दौरान व्यक्ति के जीवन में जिम्मेदारियां, देरी और चुनौतियां बढ़ने की मान्यता है। हालांकि हर व्यक्ति पर इसका प्रभाव उसकी कुंडली और अन्य ज्योतिषीय स्थितियों के अनुसार अलग माना जाता है।
शनि देव की कृपा के लिए शनिवार को जरूरतमंदों को काला तिल, उड़द, तेल या उपयोगी वस्तुओं का दान करने और शनि मंदिर में दीपक जलाने जैसी परंपराएं भी बताई जाती हैं। ये उपाय धार्मिक आस्था पर आधारित हैं।
सबसे जरूरी बात यह है कि किसी उपाय से शनि की साढ़ेसाती के सभी कष्ट निश्चित रूप से समाप्त होने की गारंटी नहीं दी जा सकती। ऐसे उपायों को ज्योतिषीय और धार्मिक मान्यता के रूप में ही देखना चाहिए। रक्षाबंधन का मूल भाव भाई-बहन के बीच प्रेम, विश्वास और एक-दूसरे के सुख की कामना है।


