अविनाश रेड्डी के ठिकानों पर ED की छापेमारी, मनी लॉन्ड्रिंग की जांच

वाईएस विवेकानंद रेड्डी हत्याकांड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की। एजेंसी ने आंध्र प्रदेश के कडप्पा और तेलंगाना के हैदराबाद में कई ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। इनमें YSRCP सांसद वाईएस अविनाश रेड्डी और उनके पिता वाईएस भास्कर रेड्डी से जुड़े परिसर भी शामिल हैं।
ED की यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत की गई है। जांच एजेंसी का मामला विवेकानंद रेड्डी हत्याकांड में CBI की ओर से दर्ज FIR और दाखिल की गई चार्जशीट से जुड़ा है। ED अब कथित वित्तीय लेनदेन और मनी ट्रेल की पड़ताल कर रही है।
रिपोर्टों के अनुसार, तलाशी के दौरान अविनाश रेड्डी से जुड़े एक परिसर से 24 लाख रुपये की बेहिसाबी नकदी, दो लॉकर की चाबियां, दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए हैं। हालांकि, इस कार्रवाई से जुड़े सभी बरामदगी विवरणों की आधिकारिक पुष्टि अलग-अलग रिपोर्टों में एक जैसी नहीं है।
विवेकानंद रेड्डी की मार्च 2019 में कडप्पा जिले के पुलिवेंदुला स्थित उनके आवास पर हत्या कर दी गई थी। वह पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी के चाचा थे। बाद में मामले की जांच CBI को सौंपी गई और जांच के दौरान कई लोगों की भूमिका सामने आई।
अब ED की ताजा कार्रवाई से इस चर्चित हत्याकांड में वित्तीय लेनदेन के एंगल की जांच भी तेज हो गई है। हालांकि, केवल ED की तलाशी या किसी व्यक्ति के परिसर से बरामदगी को अपराध सिद्ध होने के रूप में नहीं देखा जा सकता; मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
मुख्य बातें
- ED ने आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में कई ठिकानों पर छापेमारी की।
- अविनाश रेड्डी और उनके पिता भास्कर रेड्डी से जुड़े परिसर भी शामिल।
- जांच PMLA के तहत मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से हो रही है।
- रिपोर्ट के मुताबिक 24 लाख रुपये नकद और लॉकर की चाबियां जब्त हुईं।
- मामला 2019 के विवेकानंद रेड्डी हत्याकांड से जुड़ा है।
- ED की कार्रवाई CBI की FIR और चार्जशीट से जुड़े तथ्यों पर आधारित है।



