EV-CNG Commercial Vehicles: उम्र सीमा 5 साल बढ़ाने का प्रस्ताव

कमर्शियल वाहन मालिकों के लिए बड़ी राहत वाली खबर सामने आई है। सरकार ने इलेक्ट्रिक यानी EV, CNG और हाइड्रोजन से चलने वाले कमर्शियल वाहनों की अधिकतम उम्र सीमा 5 साल बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। इस कदम का मकसद स्वच्छ ईंधन वाले वाहनों को बढ़ावा देना और वाहन संचालकों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करना है।
अगर यह प्रस्ताव लागू होता है तो ईको-फ्रेंडली कमर्शियल वाहनों को लंबे समय तक सड़क पर चलाने का अवसर मिलेगा। इससे वाहन मालिकों को पुराने वाहन को जल्दी बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी और नए वाहन खरीदने से जुड़ा खर्च भी कुछ समय के लिए टल सकता है।
प्रस्ताव में केवल उम्र सीमा ही नहीं, बल्कि बिना बॉडी वाले चेसिस के रजिस्ट्रेशन से जुड़े नियमों में भी बदलाव की तैयारी है। इससे कमर्शियल वाहन बनाने वाली कंपनियों और बॉडी बिल्डर्स को सुविधा मिलने की उम्मीद है।
सरकार दूसरे राज्यों में वाहनों के रजिस्ट्रेशन को लेकर भी नियमों में राहत देने की तैयारी कर रही है। इसके साथ नेशनल परमिट से जुड़े प्रावधानों में बदलाव का प्रस्ताव है, जिससे कमर्शियल वाहनों के अंतरराज्यीय संचालन को आसान बनाया जा सके।
इस प्रस्ताव से इलेक्ट्रिक, CNG और हाइड्रोजन कमर्शियल वाहन बनाने वाली कंपनियों के साथ-साथ ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों को भी फायदा हो सकता है। खासतौर पर ऐसे कारोबारियों के लिए यह राहत महत्वपूर्ण हो सकती है, जिनके लिए वाहन की उम्र और संचालन लागत सीधे कमाई से जुड़ी होती है।
फिलहाल यह एक प्रस्ताव है और इसे अंतिम नियम नहीं माना जाना चाहिए। सरकार ने प्रस्तावित बदलावों पर विभिन्न हितधारकों से अगले 30 दिनों के भीतर सुझाव मांगे हैं। सुझावों की समीक्षा के बाद नियमों को अंतिम रूप दिया जा सकता है।



