सोयाबीन तेल आयात ने बनाया रिकॉर्ड

भारत में खाद्य तेल की मांग तेजी से बढ़ी है और इसका असर आयात के आंकड़ों में साफ दिखाई दे रहा है। अगस्त 2026 में देश का सोयाबीन तेल आयात रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जबकि पाम ऑयल की खरीद भी छह महीने के उच्चतम स्तर पर रही।
डीलर्स के मुताबिक अगस्त में भारत ने करीब 6.01 लाख टन सोयाबीन तेल आयात किया। जुलाई की तुलना में यह लगभग 21 प्रतिशत अधिक है। इतनी बड़ी खरीदारी ने सोयाबीन तेल के आयात को अब तक के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा दिया है।
सोयाबीन तेल के साथ पाम ऑयल की मांग भी मजबूत रही। अगस्त में पाम ऑयल का आयात करीब 7.8 लाख टन रहा, जो जुलाई के मुकाबले 7 प्रतिशत ज्यादा और पिछले छह महीनों का सबसे ऊंचा स्तर है।
भारतीय रिफाइनर्स की इस बढ़ी हुई खरीद के पीछे सबसे बड़ी वजह आगामी त्योहारी सीजन के लिए स्टॉक तैयार करना बताई जा रही है। त्योहारों के दौरान घरों और खाद्य उद्योग में खाद्य तेल की खपत बढ़ जाती है, इसलिए कंपनियां पहले से पर्याप्त स्टॉक जुटा रही हैं।
भारत दुनिया का सबसे बड़ा वनस्पति तेल आयातक है। घरेलू उत्पादन मांग को पूरी तरह पूरा नहीं कर पाता, इसलिए भारत को सोयाबीन, पाम और सूरजमुखी तेल की बड़ी मात्रा विदेशों से मंगानी पड़ती है।
इस खरीदारी का सीधा फायदा प्रमुख उत्पादक देशों को मिल रहा है। पाम ऑयल की आपूर्ति में इंडोनेशिया और मलेशिया की बड़ी भूमिका है, जबकि सोयाबीन तेल की सप्लाई में अर्जेंटीना और ब्राजील प्रमुख स्रोतों में शामिल हैं।
भारत की बढ़ी हुई खरीदारी से इन देशों में जमा खाद्य तेल के स्टॉक को कम करने में मदद मिल सकती है। साथ ही, वैश्विक बाजार में सोयाबीन तेल और पाम ऑयल की कीमतों को भी इससे सहारा मिलने की संभावना है।
दूसरी तरफ, सूरजमुखी तेल के आयात में गिरावट देखने को मिली। अगस्त में इसके शिपमेंट करीब 1.57 लाख टन रहे, जो छह महीने का सबसे निचला स्तर है। यानी भारतीय आयातकों ने इस महीने सोयाबीन और पाम ऑयल को अपेक्षाकृत ज्यादा प्राथमिकता दी।
कुल खाद्य तेल आयात भी अगस्त में बढ़कर करीब 15.4 लाख टन पहुंच गया। यह 11 महीनों का उच्चतम स्तर है और इसमें पाम ऑयल तथा सोयाबीन तेल की बढ़ी हुई खरीद का बड़ा योगदान रहा।
नेपाल के रास्ते आने वाले शुल्क-मुक्त तेल के आंकड़े इन अनुमानों में शामिल नहीं हैं। डीलर्स के अनुसार अगस्त में नेपाल से करीब 1 लाख टन खाद्य तेल आया, जिसमें लगभग 90 हजार टन सोयाबीन तेल था।
भारत की मजबूत मांग ऐसे समय आई है जब वैश्विक खाद्य तेल बाजार में मौसम, उत्पादन और स्टॉक को लेकर पहले से कई चुनौतियां हैं। भारत की बड़ी खरीदारी से अंतरराष्ट्रीय बाजार में सप्लाई-डिमांड का संतुलन प्रभावित हो सकता है और प्रमुख उत्पादक देशों को अपने स्टॉक घटाने में मदद मिल सकती है।
कुल मिलाकर, अगस्त में सोयाबीन तेल के रिकॉर्ड आयात से संकेत मिलता है कि भारतीय खाद्य तेल बाजार में त्योहारी सीजन से पहले खरीदारी तेज हो गई है। अगर आने वाले महीनों में मांग इसी तरह मजबूत रहती है, तो इंडोनेशिया, मलेशिया, अर्जेंटीना और दूसरे प्रमुख सप्लायरों के लिए भारत एक अहम बाजार बना रहेगा।



