Ankur Warikoo के बच्चों की परवरिश के 3 नियम, पैसे को लेकर दी खास सीख

पैसों और पर्सनल फाइनेंस को लेकर लोगों को जागरूक करने वाले अंकुर वारिकू ने बच्चों की परवरिश से जुड़े अपने कुछ खास नियम साझा किए हैं। उनका मानना है कि बच्चों को कम उम्र से ही पैसे की अहमियत और आर्थिक फैसलों की समझ देना जरूरी है। इससे बच्चे बड़े होकर पैसों को लेकर ज्यादा जिम्मेदार और आत्मनिर्भर बन सकते हैं।
अंकुर वारिकू के मुताबिक, बच्चों की हर मांग को सिर्फ इसलिए पूरा करना जरूरी नहीं है क्योंकि माता-पिता उसे खरीद सकते हैं। वहीं, बच्चों से बार-बार ‘हम इसे अफोर्ड नहीं कर सकते’ कहना भी सही तरीका नहीं है। इसके बजाय उन्हें यह समझाना बेहतर है कि किसी चीज को खरीदना परिवार की प्राथमिकताओं और जरूरतों पर निर्भर करता है।
उनकी पेरेंटिंग सोच में बच्चों को पैसे की कीमत समझाना, आर्थिक फैसलों में शामिल करना और उन्हें धीरे-धीरे आत्मनिर्भर बनाना अहम है। बच्चों को हर सुविधा तुरंत उपलब्ध कराने के बजाय उन्हें इंतजार, प्राथमिकता और जिम्मेदारी का महत्व सिखाना भविष्य में उनके लिए काफी मददगार हो सकता है।
अंकुर वारिकू की सलाह का एक अहम हिस्सा यह भी है कि माता-पिता बच्चों के सामने पैसों को लेकर स्वस्थ बातचीत करें। अगर बच्चे समझेंगे कि पैसा कैसे कमाया जाता है, कहां खर्च करना चाहिए और किन चीजों के लिए इंतजार किया जा सकता है, तो उनमें बेहतर वित्तीय आदतें विकसित हो सकती हैं।
कुल मिलाकर, अंकुर वारिकू के ये नियम सिर्फ बच्चों की परवरिश तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से समझदार और स्वतंत्र बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण सीख देते हैं।



