
विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लोगों से पैसे ऐंठने वाले फर्जी एजेंटों और कंपनियों के खिलाफ सरकार ने सख्त कदम उठाने की जानकारी दी है। संसद में पूछे गए सवाल के जवाब में सरकार ने बताया कि विदेश रोजगार से जुड़ी धोखाधड़ी रोकने के लिए निगरानी और कार्रवाई की प्रक्रिया लगातार जारी है।
सरकार के अनुसार, 58 कंपनियों को ब्लैकलिस्ट किया गया है, ताकि वे विदेश में रोजगार दिलाने के नाम पर लोगों को गुमराह न कर सकें। इसके अलावा अनधिकृत एजेंटों और फर्जी भर्ती नेटवर्क पर भी नजर रखी जा रही है।
विदेश जाने की इच्छा रखने वाले युवाओं को अक्सर आकर्षक वेतन और आसान वीजा का लालच देकर ठगी का शिकार बनाया जाता है। कई मामलों में फर्जी ऑफर लेटर, नकली वीजा और गलत दस्तावेजों के जरिए लोगों से लाखों रुपये तक वसूले जाते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, विदेश में नौकरी के लिए आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को भर्ती एजेंसी की वैधता, कंपनी की प्रमाणिकता और जरूरी सरकारी अनुमति की जांच करनी चाहिए।
सरकार की ओर से लोगों को सलाह दी जाती है कि वे केवल अधिकृत एजेंटों के माध्यम से ही विदेश रोजगार की प्रक्रिया पूरी करें और किसी भी संदिग्ध ऑफर या एजेंसी की जानकारी संबंधित विभागों को दें।
विदेश में बेहतर करियर के अवसर तलाश रहे युवाओं के लिए सतर्कता बेहद जरूरी है, क्योंकि छोटी सी लापरवाही आर्थिक नुकसान के साथ-साथ कानूनी परेशानियां भी पैदा कर सकती है।



