गिरते बाजार में SIP बंद क्यों न करें? जानिए एक्सपर्ट की राय और लंबी अवधि के फायदे

शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव हमेशा निवेशकों की परीक्षा लेता है। अक्सर जब बाजार में गिरावट आती है, तो ज्यादातर लोग घबरा जाते हैं और अपनी SIP (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) को बंद करने का सोचने लगते हैं। लेकिन वित्तीय विशेषज्ञ मानते हैं कि ऐसा करना निवेश के लिहाज से एक बड़ी गलती हो सकती है। SIP का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह लंबे समय में निवेश को अनुशासन और औसत लागत (Rupee Cost Averaging) का लाभ देता है।
जब बाजार गिरता है, तो उसी SIP की राशि से निवेशक को ज्यादा यूनिट्स मिलती हैं। इसका मतलब है कि गिरावट के समय लगातार निवेश करने से लंबे समय में औसत खरीद मूल्य कम हो जाता है। जब बाजार में रिकवरी आती है, तो वही अतिरिक्त यूनिट्स निवेशक को अधिक मुनाफा दिलाती हैं। यही कारण है कि विशेषज्ञ बार-बार सलाह देते हैं कि गिरते बाजार में SIP को रोकने के बजाय जारी रखना चाहिए।
इतिहास भी यही दर्शाता है कि हर बड़ी गिरावट के बाद बाजार ने मजबूत वापसी की है। 2008 की ग्लोबल फाइनेंशियल क्राइसिस हो या 2020 का कोविड-19 क्रैश, इन हालातों में जिन निवेशकों ने धैर्य रखा और SIP जारी रखी, उन्हें आगे चलकर जबरदस्त रिटर्न मिला। दरअसल, SIP केवल एक निवेश का तरीका नहीं है, बल्कि यह लंबी अवधि में संपत्ति बनाने का एक अनुशासित साधन है।
विशेषज्ञ कहते हैं कि अगर किसी निवेशक के वित्तीय लक्ष्य जैसे रिटायरमेंट प्लानिंग, बच्चों की पढ़ाई या घर खरीदना लंबे समय बाद पूरे होने हैं, तो उन्हें गिरावट की चिंता किए बिना निवेश जारी रखना चाहिए। अल्पकालिक गिरावट केवल कागजी नुकसान दिखाती है, लेकिन असली लाभ तब मिलता है जब बाजार चढ़ता है और आपका पोर्टफोलियो मजबूत होकर सामने आता है।
संक्षेप में, गिरते बाजार में SIP बंद करने से निवेशक लंबे समय के उस सुनहरे मौके से वंचित रह जाते हैं, जिसमें उन्हें कम दाम पर ज्यादा निवेश करने का अवसर मिलता है। इसलिए, एक्सपर्ट की सलाह है कि धैर्य रखें, SIP जारी रखें और लंबे समय के लिए निवेशित रहें। यही रणनीति भविष्य में वित्तीय सुरक्षा और संपन्नता की कुंजी साबित होगी।



