पोस्ट ऑफिस बनाम SBI एफडी: कहां मिलेगा ज्यादा ब्याज और कितने साल में डबल होगा पैसा

आज के समय में सुरक्षित निवेश (Safe Investment) हर किसी की पहली पसंद होती है। बैंक एफडी (Bank FD) और पोस्ट ऑफिस एफडी (Post Office FD) दोनों ही ऐसे विकल्प हैं, जिनमें निवेशक बिना किसी जोखिम के अच्छा रिटर्न कमा सकते हैं। लेकिन अक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि पोस्ट ऑफिस और SBI की एफडी में से किसमें ज्यादा ब्याज मिलता है और पैसा कितने साल में डबल होता है?
अगर हम भारतीय स्टेट बैंक (SBI FD) की बात करें तो यहां सामान्य ग्राहकों को 3% से लेकर 7% तक का ब्याज दर मिलता है। वहीं, वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) को अतिरिक्त 0.5% ब्याज की सुविधा दी जाती है। दूसरी तरफ, पोस्ट ऑफिस फिक्स्ड डिपॉजिट (Post Office FD) में ब्याज दरें आम तौर पर बैंक से थोड़ी ज्यादा रहती हैं। यहां 1 साल से लेकर 5 साल तक के अलग-अलग कार्यकाल के लिए ब्याज दरें 6.9% से लेकर 7.5% तक मिल रही हैं।
अगर पैसे को डबल करने की बात करें तो इसके लिए 72 का नियम (Rule of 72) लागू किया जाता है। इस नियम के मुताबिक 72 को ब्याज दर से भाग देने पर यह पता चलता है कि पैसा कितने साल में दोगुना होगा। उदाहरण के तौर पर अगर पोस्ट ऑफिस एफडी में 7.5% ब्याज दर है तो पैसा लगभग 9.6 साल में डबल होगा। वहीं SBI की 7% ब्याज दर पर पैसा करीब 10.2 साल में दोगुना होगा।
इस तुलना से साफ है कि पोस्ट ऑफिस एफडी में ब्याज दरें थोड़ी ज्यादा होने के कारण पैसा SBI एफडी के मुकाबले तेजी से डबल होता है। हालांकि, बैंक एफडी में लिक्विडिटी (Liquidity) और ऑनलाइन सुविधा ज्यादा आसान होती है, जबकि पोस्ट ऑफिस एफडी गांव और छोटे शहरों में लोगों की पहली पसंद बनी रहती है।
- इसलिए निवेशक को अपनी जरूरत, सुरक्षा और सुविधा को देखते हुए निर्णय लेना चाहिए। यदि लंबी अवधि के लिए सुरक्षित और थोड़ा ज्यादा रिटर्न चाहिए तो पोस्ट ऑफिस एफडी सही विकल्प है। वहीं, सुविधा और ऑनलाइन मैनेजमेंट के लिए SBI एफडी बेहतर है।



