
केंद्र सरकार ने संसद में महत्वपूर्ण बयान देते हुए बताया कि भारत क्रूड आयात पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए रोडमैप तैयार कर रहा है। यह कदम विशेष रूप से तब महत्वपूर्ण है जब मध्य पूर्व में ईरान युद्ध जैसी स्थिति बन रही है और वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ रही है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, भारत स्थानीय ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने, नवीकरणीय ऊर्जा और रणनीतिक तेल भंडार के विस्तार जैसे उपायों पर काम कर रहा है। इसके अलावा, सरकार ने यह भी संकेत दिया कि आयातित क्रूड पर भरोसा धीरे-धीरे कम करके देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह रोडमैप न केवल भारत को वैश्विक तेल संकट से सुरक्षित रखेगा, बल्कि घरेलू तेल उद्योग और निवेशकों के लिए भी अवसर पैदा करेगा। अगले कुछ वर्षों में क्रूड आयात में कमी और घरेलू उत्पादन में वृद्धि के चलते भारत की ऊर्जा स्वतंत्रता में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।



