राष्ट्रपति अभिभाषण 2026: ऑपरेशन सिंदूर, बजट 2026 और विकसित भारत के संकल्प की 10 अहम घोषणाएं

संसद के बजट सत्र की शुरुआत में राष्ट्रपति के अभिभाषण ने वर्ष 2026 के लिए सरकार की प्राथमिकताओं, उपलब्धियों और भावी रोडमैप को स्पष्ट रूप से सामने रखा। राष्ट्रपति ने अपने संबोधन की शुरुआत “ऑपरेशन सिंदूर” के शौर्य और भारतीय सशस्त्र बलों के अदम्य साहस से की, जिसे देश की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बताया गया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत होगी तभी अर्थव्यवस्था टिकाऊ और तेज़ी से आगे बढ़ेगी। बजट 2026 को विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में एक निर्णायक कदम बताते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार का फोकस समावेशी विकास, रोजगार सृजन और गरीब कल्याण पर है। अभिभाषण में यह भी उल्लेख किया गया कि भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है और वित्तीय अनुशासन के साथ विकास को गति दी जा रही है।
राष्ट्रपति ने बुनियादी ढांचे में हो रहे ऐतिहासिक निवेश का जिक्र करते हुए कहा कि सड़क, रेल, एयरपोर्ट और डिजिटल कनेक्टिविटी से अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिली है। किसानों के लिए MSP, सिंचाई योजनाओं और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की बात भी प्रमुखता से रखी गई। महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए उन्होंने बताया कि ‘नारी शक्ति’ देश की आर्थिक प्रगति की धुरी बन रही है, वहीं युवाओं के लिए स्टार्टअप, स्किल डेवलपमेंट और नई नौकरियों के अवसर खोले जा रहे हैं।
स्वास्थ्य और शिक्षा को लेकर राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार हर नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण सेवाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। आयुष्मान भारत, डिजिटल हेल्थ मिशन और नई शिक्षा नीति के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। आत्मनिर्भर भारत के तहत रक्षा उत्पादन, सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में हो रहे विस्तार का भी उल्लेख किया गया। अंत में राष्ट्रपति ने कहा कि बजट 2026 का उद्देश्य केवल आर्थिक आंकड़ों को सुधारना नहीं, बल्कि हर नागरिक के जीवन स्तर को बेहतर बनाना है। ऑपरेशन सिंदूर के शौर्य से लेकर आर्थिक तरक्की तक, यह अभिभाषण एक सशक्त, सुरक्षित और समृद्ध भारत के संकल्प को दर्शाता है।



