सऊदी अरब ने खत्म किया 75 साल पुराना ‘कफाला सिस्टम’ – प्रवासी श्रमिकों को मिली नई आज़ादी

सऊदी अरब ने 75 वर्षों से लागू ‘कफाला सिस्टम’ को समाप्त कर दिया है, जिससे लाखों प्रवासी श्रमिकों को नई आज़ादी मिली है। यह ऐतिहासिक निर्णय सऊदी अरब के Vision 2030 के तहत श्रम सुधारों के हिस्से के रूप में लिया गया है, जिसका उद्देश्य श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा और श्रम बाजार में सुधार करना है।
कफाला सिस्टम एक प्रकार की स्पॉन्सरशिप व्यवस्था थी, जिसके तहत विदेशी श्रमिकों का कानूनी स्टेटस उनके नियोक्ता (कफील) पर निर्भर करता था। इसमें श्रमिकों को बिना कफील की अनुमति के नौकरी बदलने, देश छोड़ने या कानूनी सहायता प्राप्त करने की अनुमति नहीं होती थी। इस व्यवस्था के कारण श्रमिकों के शोषण और मानवाधिकार हनन की कई घटनाएं सामने आई थीं।
अब सऊदी अरब ने इस व्यवस्था को समाप्त कर ‘कॉन्ट्रैक्ट एम्प्लॉयमेंट मॉडल’ लागू किया है। इस नए सिस्टम के तहत, विदेशी श्रमिक बिना कफील की अनुमति के नई नौकरी जॉइन कर सकते हैं और बिना एग्जिट वीजा के देश छोड़ सकते हैं। इसके अलावा, उन्हें कानूनी सहायता प्राप्त करने का अधिकार भी मिलेगा।
इस बदलाव से लगभग 1.34 करोड़ विदेशी श्रमिकों को लाभ होगा, जिनमें बड़ी संख्या भारतीय श्रमिकों की है। यह निर्णय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खाड़ी देशों में प्रवासी कल्याण और मानवाधिकारों के लिए एक मील का पत्थर माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, सऊदी अरब का यह कदम प्रवासी श्रमिकों के लिए एक सकारात्मक बदलाव है, जो उनके अधिकारों की रक्षा और सम्मान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।



