मेट्रो प्रोजेक्ट से इन 4 कंपनियों के शेयरों में तेजी, अंडरग्राउंड से लेकर एलिवेटेड ट्रैक तक बड़ा रोल

देश में मेट्रो रेल परियोजनाओं के विस्तार ने इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को नई रफ्तार दे दी है। केंद्र और राज्य सरकारें तेजी से नए मेट्रो कॉरिडोर, एक्सटेंशन और फेज-2 व फेज-3 प्रोजेक्ट्स मंजूर कर रही हैं। इसका सीधा फायदा उन कंपनियों को मिल रहा है, जो जमीन के भीतर टनल बनाने से लेकर एलिवेटेड ट्रैक और स्टेशनों के निर्माण का काम कर रही हैं। हाल के महीनों में चार ऐसी कंपनियां निवेशकों के रडार पर आई हैं, जिनके शेयर मेट्रो ठेकों की बदौलत लगातार उड़ान भरते नजर आ रहे हैं।
इन कंपनियों की खास बात यह है कि ये केवल सिविल कंस्ट्रक्शन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि टनल बोरिंग मशीन (TBM) से अंडरग्राउंड मेट्रो टनल, एलिवेटेड वायाडक्ट, स्टेशन स्ट्रक्चर, डिपो और यहां तक कि इलेक्ट्रिफिकेशन व ट्रैक बिछाने जैसे कामों में भी माहिर हैं। जब किसी शहर में मेट्रो का दायरा बढ़ता है, तो जमीन के नीचे सुरंग और ऊपर हवा में एलिवेटेड ट्रैक बनाना दोनों जरूरी हो जाते हैं। यही वजह है कि इन कंपनियों की ऑर्डर बुक मजबूत हो रही है और भविष्य की कमाई को लेकर भरोसा बढ़ रहा है।
दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, पुणे, अहमदाबाद और लखनऊ जैसे शहरों में नए कॉरिडोर और एक्सटेंशन पर काम तेजी से चल रहा है। इसके अलावा टियर-2 शहरों में भी मेट्रो परियोजनाओं की घोषणा हो रही है। इससे इन कंपनियों को लंबे समय तक काम मिलने की संभावना बन रही है। निवेशकों को उम्मीद है कि मजबूत ऑर्डर बुक, समय पर प्रोजेक्ट डिलीवरी और सरकारी खर्च में निरंतरता के चलते इन कंपनियों की आमदनी और मुनाफे में बढ़ोतरी हो सकती है।
हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर शेयरों में उतार-चढ़ाव बना रहता है और कच्चे माल की कीमतें, समय पर भुगतान और प्रोजेक्ट में देरी जैसे जोखिम भी जुड़े होते हैं। बावजूद इसके, मेट्रो नेटवर्क के लगातार विस्तार और शहरी आवाजाही की जरूरतों को देखते हुए इन चार कंपनियों को लंबी अवधि में अच्छी संभावनाओं वाला माना जा रहा है। निवेश से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, ऑर्डर बुक और कर्ज स्तर पर नजर रखना जरूरी है, ताकि सही फैसला लिया जा सके।



