सोना कब खरीदें? रेपो रेट से पहले या बाद में

सोने में निवेश करने वालों के लिए यह सवाल अहम है कि खरीदारी अभी की जाए या RBI के रेपो रेट फैसले का इंतजार किया जाए। आमतौर पर रेपो रेट में बदलाव का असर सोने की कीमतों पर पड़ता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि ब्याज दरें बढ़ती हैं तो सोने की कीमतों पर दबाव आ सकता है, जबकि दरों में कटौती से सोना महंगा हो सकता है।
निवेश विशेषज्ञों का मानना है कि सोना एक सुरक्षित निवेश विकल्प है, खासकर जब बाजार में अस्थिरता हो। RBI के रेपो रेट फैसले से पहले बाजार में अनिश्चितता बनी रहती है, जिससे सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जा सकता है। ऐसे में निवेशकों को अपने लक्ष्य और जोखिम क्षमता के आधार पर निर्णय लेना चाहिए।
कुछ एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि निवेशकों को एकमुश्त निवेश करने के बजाय चरणबद्ध तरीके (SIP) से सोना खरीदना चाहिए, जिससे कीमतों के उतार-चढ़ाव का असर कम हो। वहीं, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए मौजूदा स्तर पर भी खरीदारी एक अच्छा विकल्प हो सकता है।



