बांदा में बनेगा 20 हजार लीटर क्षमता का डेयरी प्लांट, झांसी डेयरी की क्षमता बढ़ाकर 30 हजार लीटर प्रतिदिन होगी

उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में डेयरी क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। इसी कड़ी में बांदा जिले में 20 हजार लीटर क्षमता वाला नया डेयरी प्लांट स्थापित किया जाएगा। वहीं झांसी स्थित डेयरी प्लांट की क्षमता को बढ़ाकर 30 हजार लीटर प्रतिदिन तक करने की योजना बनाई गई है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के दुग्ध उत्पादकों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना और दूध के उत्पादन तथा प्रसंस्करण को बढ़ावा देना है।
सरकार और डेयरी विभाग का मानना है कि बुंदेलखंड क्षेत्र में बड़ी संख्या में किसान पशुपालन से जुड़े हुए हैं, लेकिन उन्हें दूध के उचित दाम और बेहतर विपणन व्यवस्था नहीं मिल पाती। नए डेयरी प्लांट के निर्माण से किसानों को अपने दूध को स्थानीय स्तर पर ही बेचने की सुविधा मिलेगी। इससे परिवहन लागत कम होगी और किसानों की आय में भी बढ़ोतरी होने की संभावना है।
बांदा में बनने वाला यह आधुनिक डेयरी प्लांट प्रतिदिन लगभग 20 हजार लीटर दूध के प्रसंस्करण की क्षमता रखेगा। इसमें दूध की गुणवत्ता जांच, पैकेजिंग और सुरक्षित भंडारण की आधुनिक सुविधाएं भी होंगी। वहीं झांसी के मौजूदा डेयरी प्लांट की क्षमता को बढ़ाकर 30 हजार लीटर प्रतिदिन करने से आसपास के जिलों के दूध उत्पादकों को भी बड़ा फायदा मिलेगा। इससे दूध संग्रहण नेटवर्क मजबूत होगा और डेयरी उत्पादों की उपलब्धता भी बढ़ेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन परियोजनाओं से बुंदेलखंड में दुग्ध उद्योग को नई गति मिलेगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। डेयरी प्लांट के संचालन से दूध संग्रहण, परिवहन, प्रोसेसिंग और विपणन से जुड़े कई नए रोजगार पैदा होने की संभावना है।
सरकार की इस पहल को ग्रामीण विकास और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में यदि दुग्ध उत्पादन और डेयरी अवसंरचना को इसी तरह बढ़ावा मिलता रहा, तो बुंदेलखंड क्षेत्र भी दूध उत्पादन के क्षेत्र में एक मजबूत पहचान बना सकता है।


