BJP संगठन की नई रणनीति: पंकज चौधरी का 16 जनवरी का कानपुर दौरा रद, बूथों पर उतरे कार्यकर्ता

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी का 16 जनवरी को प्रस्तावित कानपुर दौरा रद कर दिया गया है, जिसकी जानकारी पार्टी संगठन की ओर से दी गई है। हालांकि दौरा रद होने के पीछे कोई औपचारिक कारण सार्वजनिक रूप से नहीं बताया गया है, लेकिन पार्टी सूत्रों के अनुसार संगठनात्मक गतिविधियों और आगामी राजनीतिक रणनीतियों के तहत यह निर्णय लिया गया है। दौरा रद होने के बावजूद भाजपा का संगठनात्मक अभियान कमजोर नहीं पड़ेगा, बल्कि इसे और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से पार्टी कार्यकर्ता अब सीधे बूथ स्तर पर उतरेंगे। भाजपा नेतृत्व का मानना है कि चुनावी तैयारियों में बूथ सबसे अहम इकाई होती है और यदि यहां संगठन मजबूत हो तो किसी भी चुनाव में सफलता सुनिश्चित की जा सकती है। इसी रणनीति के तहत कानपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में भाजपा कार्यकर्ताओं को बूथों पर सक्रिय रहने, मतदाता सूची की समीक्षा करने, नए मतदाताओं को जोड़ने और केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। पार्टी कार्यकर्ता घर-घर संपर्क अभियान के माध्यम से जनता से संवाद करेंगे और उनकी समस्याओं, सुझावों व अपेक्षाओं को संगठन तक पहुंचाएंगे। माना जा रहा है कि आने वाले समय में भाजपा संगठन बड़े नेताओं के दौरों से पहले जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता को प्राथमिकता देना चाहता है, ताकि संगठन की पकड़ और मजबूत हो सके। कानपुर जैसे बड़े और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण शहर में बूथ स्तर की मजबूती को पार्टी आगामी चुनावों के लिए बेहद अहम मान रही है। वहीं, पंकज चौधरी का दौरा रद होने के बावजूद उनके द्वारा तय की गई संगठनात्मक दिशा और निर्देशों के अनुसार स्थानीय नेता और पदाधिकारी काम करते रहेंगे। भाजपा का फोकस इस समय संगठन विस्तार, कार्यकर्ताओं में ऊर्जा भरने और सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने पर है। पार्टी का मानना है कि मजबूत संगठन और सक्रिय कार्यकर्ता ही चुनावी जीत की नींव रखते हैं, इसी सोच के साथ भाजपा कार्यकर्ता अब पूरी ताकत के साथ बूथ स्तर पर उतरकर अभियान को आगे बढ़ाएंगे।



