उपद्रवियों व शोहदों पर सीएम योगी आदित्यनाथ सख्त | पुलिस को मिली खुली छूट

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपनी सख्त प्रशासनिक कार्यशैली के लिए हमेशा सुर्खियों में रहते हैं। एक बार फिर उन्होंने साफ कर दिया है कि राज्य में उपद्रवियों, शोहदों और असामाजिक तत्वों के लिए कोई जगह नहीं है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ बिना किसी दबाव और झिझक के कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जो लोग समाज में अराजकता फैलाने की कोशिश करेंगे, उन्हें सीधे सलाखों के पीछे भेजा जाए और जरूरत पड़ने पर कड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए।
योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में यह भी निर्देश दिए कि प्रदेश की जनता को कानून का भय नहीं बल्कि सुरक्षा का एहसास होना चाहिए। लेकिन अपराधियों और उपद्रवियों में कानून का ऐसा खौफ होना चाहिए कि वे दोबारा किसी अपराध के बारे में सोच भी न सकें। सीएम योगी ने यह भी कहा कि “अपराधी अगर अपराध करना नहीं छोड़ेंगे तो उन्हें प्रदेश छोड़ना होगा।” उनके इस बयान से साफ है कि कानून-व्यवस्था से समझौता करने का सवाल ही नहीं उठता।
मुख्यमंत्री ने विशेष तौर पर शोहदों और छेड़खानी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्कूल, कॉलेज या सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ की घटनाएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। इस प्रकार की घटनाओं से समाज में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा होता है। ऐसे मामलों में पुलिस को पूरी छूट है कि वे तत्काल गिरफ्तारी करें और आरोपियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें।
योगी सरकार का यह रवैया आम जनता के बीच विश्वास और सुरक्षा की भावना को मजबूत करता है। हाल के वर्षों में प्रदेश की कानून-व्यवस्था की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। अपराध दर में गिरावट आई है और गैंगस्टर एक्ट जैसे कठोर कानूनों के तहत कई बड़े अपराधियों पर शिकंजा कसा गया है। यही कारण है कि लोग आज उत्तर प्रदेश को विकास और निवेश के लिए सुरक्षित मान रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि किसी भी उपद्रव, जुलूस या प्रदर्शन के दौरान अगर असामाजिक तत्व माहौल बिगाड़ने की कोशिश करते हैं, तो पुलिस तत्काल सख्ती से पेश आए। सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से उसकी भरपाई भी कड़ी कार्रवाई के तहत कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि “उत्तर प्रदेश में दंगा, उपद्रव और अराजकता फैलाने वालों की कोई जगह नहीं है।”
इस सख्त संदेश से यह स्पष्ट है कि सीएम योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता कानून-व्यवस्था को मजबूत रखना है। उनका यह कदम न केवल आम नागरिकों को सुरक्षा का भरोसा देता है बल्कि अपराधियों को भी कड़ा संदेश भेजता है कि योगी सरकार में अपराध करना आसान नहीं है। जनता भी चाहती है कि समाज में व्यवस्था और अनुशासन बना रहे, और सरकार का यह सख्त रुख निश्चित रूप से उसी दिशा में एक मजबूत कदम है।



