गोमती पुस्तक महोत्सव 2025: सीएम योगी ने किया शुभारंभ, किताबों पर 10% छूट और फ्री एंट्री

लखनऊ में साहित्य और ज्ञान का महाकुंभ कहे जाने वाले गोमती पुस्तक महोत्सव 2025 का शुभारंभ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। इस महोत्सव का आयोजन गोमती नदी के तट पर बेहद भव्य तरीके से किया गया है। पुस्तक प्रेमियों के लिए यह एक सुनहरा अवसर है क्योंकि यहां प्रिंट रेट से 10% छूट पर किताबें उपलब्ध कराई जा रही हैं। महोत्सव का आयोजन 28 सितंबर तक किया जाएगा और इसकी सबसे खास बात यह है कि इसमें प्रवेश पूरी तरह से निःशुल्क (फ्री एंट्री) रखा गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उद्घाटन समारोह में कहा कि पुस्तकें मनुष्य के व्यक्तित्व निर्माण की सबसे मजबूत नींव होती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल युग में भी किताबों का महत्व कम नहीं हुआ है, बल्कि इनकी प्रासंगिकता और भी बढ़ गई है क्योंकि पुस्तकें न केवल ज्ञान का भंडार होती हैं बल्कि यह हमारी संस्कृति, परंपरा और विचारों को भी सहेजती हैं।
गोमती पुस्तक महोत्सव में देशभर के नामचीन प्रकाशकों और लेखकों की किताबें उपलब्ध होंगी। इसमें साहित्य, राजनीति, इतिहास, विज्ञान, तकनीक, अध्यात्म, दर्शन, शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और बच्चों के लिए विशेष रूप से तैयार की गई किताबों के स्टॉल लगाए गए हैं। छात्र-छात्राओं और शोधकर्ताओं के लिए यह महोत्सव बेहद उपयोगी साबित होगा क्योंकि यहां उन्हें एक ही स्थान पर ज्ञान का अपार खजाना मिलेगा।
इसके अलावा, इस महोत्सव में साहित्यिक गोष्ठियां, कवि सम्मेलन, लेखकों से संवाद कार्यक्रम और कार्यशालाओं का भी आयोजन किया जाएगा। इससे न केवल पाठकों को सीधे अपने पसंदीदा लेखकों से मिलने का अवसर मिलेगा बल्कि उन्हें पुस्तक लेखन और प्रकाशन की प्रक्रिया को समझने का भी मौका मिलेगा।
योगी सरकार लगातार उत्तर प्रदेश को सांस्कृतिक और शैक्षणिक दृष्टि से समृद्ध बनाने के प्रयास कर रही है। इस दिशा में गोमती पुस्तक महोत्सव एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। लखनऊ, जो नवाबों और तहज़ीब का शहर कहलाता है, हमेशा से साहित्य और संस्कृति का गढ़ रहा है। ऐसे में यह पुस्तक महोत्सव न केवल शहर की बौद्धिक पहचान को और मजबूत करेगा बल्कि नए लेखकों और प्रकाशकों को भी एक मंच प्रदान करेगा।
महोत्सव का आयोजन सुबह से रात तक किया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक लोग यहां आकर किताबों का आनंद ले सकें। परिवारों और बच्चों के लिए यह एक यादगार अनुभव साबित होगा। आयोजकों ने यह भी सुनिश्चित किया है कि यहां आने वाले हर व्यक्ति को सुरक्षित और सहज माहौल मिले।
संक्षेप में, गोमती पुस्तक महोत्सव 2025 केवल किताबों का मेला नहीं है, बल्कि यह ज्ञान, संस्कृति और विचारों का संगम है। यह महोत्सव उत्तर प्रदेश की उस परंपरा को आगे बढ़ा रहा है जिसमें साहित्य और शिक्षा को हमेशा सर्वोच्च स्थान दिया गया है। पुस्तक प्रेमियों और पाठकों के लिए यह आयोजन किसी उत्सव से कम नहीं होगा।



