गंगा एक्सप्रेसवे तैयार: अप्रैल से 120 किमी/घंटा की रफ्तार, CCTV ट्रायल शुरू

उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। प्रदेश का महत्वाकांक्षी गंगा एक्सप्रेसवे अब लगभग तैयार हो चुका है और अप्रैल से इस पर 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से वाहन दौड़ते नजर आ सकते हैं। एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा और निगरानी को मजबूत बनाने के लिए सीसीटीवी कैमरों का ट्रायल भी शुरू कर दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक इस हाईटेक निगरानी प्रणाली के जरिए पूरे एक्सप्रेसवे पर वाहनों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी, जिससे दुर्घटनाओं और अपराध की घटनाओं को तुरंत नियंत्रित किया जा सके।
करीब 594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ से शुरू होकर प्रयागराज तक जाएगा। यह देश के सबसे लंबे एक्सप्रेसवे में से एक माना जा रहा है। इसके शुरू होने से मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली और प्रतापगढ़ जैसे कई जिलों को सीधा फायदा मिलेगा। खास बात यह है कि इस एक्सप्रेसवे के बनने से मेरठ से प्रयागराज की दूरी काफी कम समय में तय की जा सकेगी।
सरकार की योजना के अनुसार एक्सप्रेसवे पर अत्याधुनिक ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लगाया गया है। इसके तहत हाई-रिजॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरे, इमरजेंसी कॉल बॉक्स, स्पीड मॉनिटरिंग सिस्टम और कंट्रोल रूम से जुड़ी निगरानी व्यवस्था तैयार की गई है। फिलहाल इन कैमरों और तकनीकी उपकरणों का ट्रायल रन किया जा रहा है ताकि अप्रैल में एक्सप्रेसवे चालू होने से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह सुचारू हो जाएं।
गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू होने से न सिर्फ यात्रा आसान और तेज होगी बल्कि उत्तर प्रदेश के औद्योगिक और आर्थिक विकास को भी नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। एक्सप्रेसवे के आसपास औद्योगिक कॉरिडोर, वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स हब विकसित करने की भी योजना है, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई पर ले जाएगा। इससे व्यापार, पर्यटन और निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा। वहीं, बेहतर सड़क और तेज सफर के कारण लोगों का समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। कुल मिलाकर गंगा एक्सप्रेसवे प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होने जा रहा है।



