
भारत आज दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने हाल ही में यह स्पष्ट किया है कि आने वाले कुछ वर्षों में भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में अपनी जगह बना लेगा। वर्तमान समय में भारत पांचवें स्थान पर है और अमेरिका, चीन, जापान तथा जर्मनी के बाद आर्थिक ताकत के रूप में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
पीयूष गोयल का कहना है कि भारत 2030 से पहले ही जर्मनी और जापान को पछाड़कर तीसरे स्थान पर पहुंच जाएगा। उन्होंने भरोसा जताया कि देश की जीडीपी में लगातार हो रही वृद्धि, बुनियादी ढांचे का विकास, डिजिटल क्रांति और मेक इन इंडिया जैसी योजनाएं इस लक्ष्य को समय से पहले पूरा करेंगी। सरकार ने 2047 तक भारत को “विकसित राष्ट्र” बनाने का संकल्प लिया है और उसी दिशा में कदम तेजी से उठाए जा रहे हैं।
भारत की मौजूदा अर्थव्यवस्था लगभग 4 ट्रिलियन डॉलर के आसपास पहुंच चुकी है। वहीं, आने वाले कुछ वर्षों में यह दोगुनी गति से आगे बढ़ेगी। रिपोर्ट्स के अनुसार, 2027-28 तक भारत की जीडीपी 7 ट्रिलियन डॉलर को पार कर सकती है। यदि यही रफ्तार बनी रहती है, तो भारत 2028 तक जापान और जर्मनी को पीछे छोड़ते हुए तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।
इसके पीछे सबसे बड़ा योगदान भारत के युवाओं, स्टार्टअप कल्चर और तेज़ी से बढ़ते निवेश का है। देश में 65% से ज्यादा जनसंख्या युवाओं की है, जो इनोवेशन और तकनीक के क्षेत्र में बड़ी भूमिका निभा रही है। साथ ही, भारत में एफडीआई (Foreign Direct Investment) का प्रवाह लगातार बढ़ रहा है, जिससे इंडस्ट्री और मैन्युफैक्चरिंग को मजबूती मिल रही है।
डिजिटल इंडिया और स्टार्टअप इंडिया जैसे अभियानों ने भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। आज भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। इसके अलावा, आधार और यूपीआई जैसी डिजिटल सुविधाओं ने ग्रामीण क्षेत्रों तक भी अर्थव्यवस्था की पहुंच बना दी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत यदि अपने इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्रों में निरंतर निवेश करता रहा, तो अगले दशक में यह न केवल तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा बल्कि ग्लोबल निर्णयों में भी अहम भूमिका निभाएगा।
स्पष्ट है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में और पीयूष गोयल जैसे मंत्रियों की नीतियों के साथ भारत का आर्थिक भविष्य बेहद उज्ज्वल है। आने वाले समय में भारत न केवल तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा बल्कि दुनिया का विकास इंजन भी साबित होगा।



