गोरखपुर में CM योगी की अहम बैठक, मतांतरण पर आत्ममंथन और संवाद बढ़ाने का दिया संदेश

गोरखपुर में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान योगी आदित्यनाथ ने मतांतरण के मुद्दे पर स्पष्ट और सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि केवल कानून के सहारे इस समस्या का समाधान संभव नहीं है, बल्कि समाज को भी आत्ममंथन करना होगा। उन्होंने कहा कि यदि कहीं मतांतरण की घटनाएं सामने आ रही हैं तो हमें यह भी देखना चाहिए कि हमारी सामाजिक संरचना में कहां कमी रह गई है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि समाज के प्रभावशाली लोग, धार्मिक एवं सामाजिक संगठन और जनप्रतिनिधि आपसी संवाद को बढ़ाएं, ताकि गलतफहमियां दूर हों और किसी को भी भटकाने का अवसर न मिले।
बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अवैध या जबरन मतांतरण के मामलों पर कड़ी निगरानी रखी जाए और कानून के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासनिक सख्ती के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता बेहद जरूरी है। उनका मानना है कि संवाद की कमी और सामाजिक दूरी कई बार ऐसी परिस्थितियां पैदा कर देती है, जिनका फायदा बाहरी तत्व उठाते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के कमजोर और वंचित वर्गों तक सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे, यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है। यदि कोई व्यक्ति अपने आप को उपेक्षित महसूस करता है, तो वह भटक सकता है। इसलिए जरूरत है कि समाज का हर वर्ग एक-दूसरे से जुड़ा रहे और परस्पर विश्वास मजबूत हो।
बैठक के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी अपने सुझाव रखे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेश में सामाजिक सौहार्द और कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की जबरदस्ती या लालच देकर मतांतरण कराने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, लेकिन साथ ही समाज को भी सकारात्मक भूमिका निभानी होगी।
गोरखपुर में हुई इस बैठक को प्रदेश की सामाजिक एकता और जागरूकता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री का संदेश साफ था कि समस्याओं के समाधान के लिए केवल सरकार ही नहीं, बल्कि समाज की सक्रिय भागीदारी भी अनिवार्य है।


