केशव प्रसाद मौर्य ने पंडित पंत को दी श्रद्धांजलि | स्वतंत्रता संग्राम में पंडित पंत की भूमिका | लोक भवन लखनऊ समाचार

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोमवार को लोक भवन लखनऊ स्थित पंडित गोविंद बल्लभ पंत की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पंडित पंत स्वतंत्रता आंदोलन के उन महानायकों में से एक थे, जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए संघर्ष करते हुए अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित किया। केशव प्रसाद मौर्य ने नमन करते हुए कहा कि पंडित पंत के योगदान को देश कभी भुला नहीं सकता। वे न केवल स्वतंत्रता सेनानी थे बल्कि आज़ादी के बाद उन्होंने शासन-प्रशासन की मजबूत नींव रखकर राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पंडित गोविंद बल्लभ पंत का जन्म 10 सितंबर 1887 को अल्मोड़ा (उत्तराखंड) में हुआ था। वे पेशे से वकील थे, लेकिन उनकी सोच हमेशा समाज और राष्ट्र की बेहतरी के लिए समर्पित रही। महात्मा गांधी के आह्वान पर उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भागीदारी की और कई बार जेल भी गए। वे उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री बने और बाद में स्वतंत्र भारत में देश के गृहमंत्री का दायित्व संभालते हुए उन्होंने प्रशासनिक सुधारों के साथ-साथ हिंदी भाषा को राजभाषा का दर्जा दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
इस मौके पर केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि पंडित पंत ने हमेशा भारतीय संस्कृति, परंपराओं और मूल्यों को संजोकर रखने का काम किया। उन्होंने राष्ट्र की एकता और अखंडता को सर्वोपरि माना। उनकी नीतियां और विचार आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं। उपमुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में पंडित पंत जैसे नेताओं के बलिदान और योगदान के कारण ही आज भारत स्वतंत्र और मजबूत राष्ट्र के रूप में खड़ा है।
कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भी पंडित पंत की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। वहां का माहौल देशभक्ति और कृतज्ञता की भावना से परिपूर्ण था। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हमें पंडित पंत के जीवन से यह सीख मिलती है कि राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए त्याग और सेवा का भाव हर नागरिक में होना चाहिए।
इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम ने एक बार फिर यह स्मरण कराया कि स्वतंत्रता केवल एक दिन के उत्सव का नाम नहीं, बल्कि यह उन महापुरुषों की याद दिलाती है जिनके त्याग और समर्पण से हम आज स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं। पंडित गोविंद बल्लभ पंत का जीवन हमें यह सिखाता है कि सच्चा राष्ट्रभक्त वही है जो अपने व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर देश और समाज की सेवा में जुटा रहे।



