
भारतीय रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए अब भारतीय नौसेना ने विदेशी निर्भरता कम करने की रणनीति को और मजबूत किया है। इसके तहत अब MiG-29K फाइटर जेट्स के कई महत्वपूर्ण पुर्जे देश की निजी कंपनियों द्वारा भारत में ही बनाए जाएंगे। यह पहल ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को नई गति देने वाली मानी जा रही है।
इस निर्णय से न केवल रक्षा उपकरणों के रखरखाव में तेजी आएगी, बल्कि विदेशी सप्लाई चेन पर निर्भरता भी काफी हद तक कम होगी। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इससे लागत में कमी आने के साथ-साथ तकनीकी क्षमता भी देश के भीतर विकसित होगी।
प्राइवेट कंपनियों की भागीदारी बढ़ने से रक्षा उत्पादन क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। साथ ही, यह कदम भारत को रक्षा विनिर्माण के क्षेत्र में एक मजबूत वैश्विक खिलाड़ी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।



