बच्चों की थाली में सिमट गया पोषण, अभिभावकों की भूमिका अहम: आनंदीबेन पटेल

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बच्चों के पोषण को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि आज कई बच्चे आलू के अलावा कुछ और खाना नहीं चाहते और सब्जियों तक को पहचान नहीं पाते। उन्होंने इसके लिए अभिभावकों की जिम्मेदारी पर जोर दिया और कहा कि बच्चों की भोजन संबंधी आदतें घर से ही बनती हैं। संतुलित आहार, हरी सब्जियों और पौष्टिक भोजन को बच्चों की दिनचर्या में शामिल करना बेहद जरूरी है, ताकि उनका शारीरिक और मानसिक विकास सही दिशा में हो सके।
आनंदीबेन पटेल ने कहा कि बदलती जीवनशैली और जंक फूड की बढ़ती आदतें बच्चों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को घर का ताजा और पौष्टिक भोजन खाने के लिए प्रेरित करें और सब्जियों, दालों व फलों को उनकी थाली का नियमित हिस्सा बनाएं। साथ ही उन्होंने विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया, जहां बच्चों को पोषण के प्रति जागरूक किया जा सकता है। उनका कहना था कि स्वस्थ पीढ़ी के निर्माण के लिए परिवार और समाज दोनों को मिलकर जिम्मेदारी निभानी होगी।


