आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की ओर मजबूत कदम: 2025-26 में खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग की ऐतिहासिक उपलब्धियां

उत्तर प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग ने वर्ष 2025-26 में कई ऐसे उल्लेखनीय मुकाम हासिल किए हैं, जिन्होंने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान की है। राज्य सरकार की नीतियों और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र में रोजगार, उत्पादन और आय के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली है। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में विभाग ने “वोकल फॉर लोकल” और “लोकल टू ग्लोबल” की अवधारणा को जमीन पर उतारते हुए पारंपरिक उद्योगों को आधुनिक तकनीक और बाजार से जोड़ा है। वर्ष 2025-26 में खादी ग्रामोद्योग आयोग के सहयोग से प्रदेश में हजारों नए सूक्ष्म उद्योग स्थापित किए गए, जिससे लाखों युवाओं, महिलाओं और कारीगरों को स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हुए। विशेष रूप से मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, एक जनपद एक उत्पाद (ODOP) और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण और विपणन सहयोग ने ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को गति दी है। खादी वस्त्रों, हस्तशिल्प, अगरबत्ती, मधु उत्पादन, मिट्टी के बर्तन, चमड़ा और खाद्य प्रसंस्करण जैसे ग्रामोद्योग उत्पादों की मांग न केवल प्रदेश में बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी बढ़ी है। विभाग द्वारा ई-मार्केटिंग, ऑनलाइन पोर्टल और प्रदर्शनियों के माध्यम से उत्पादों को नई पहचान दिलाई गई, जिससे कारीगरों को उचित मूल्य और सीधा बाजार मिला। वर्ष 2025-26 में खादी बिक्री में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई, जो उपभोक्ताओं में स्वदेशी उत्पादों के प्रति बढ़ते विश्वास को दर्शाती है। साथ ही, आधुनिक डिजाइन, बेहतर पैकेजिंग और गुणवत्ता मानकों पर विशेष ध्यान देकर खादी उत्पादों को युवाओं की पसंद के अनुरूप बनाया गया। महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों को विशेष प्रोत्साहन देकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त किया गया, जिससे सामाजिक बदलाव भी देखने को मिला। खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग की इन उपलब्धियों ने यह साबित कर दिया है कि पारंपरिक उद्योग भी आधुनिक सोच और सही नीतियों के साथ विकास के मजबूत स्तंभ बन सकते हैं। कुल मिलाकर, वर्ष 2025-26 में हासिल की गई ये सफलताएं आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के सपने को साकार करने की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम हैं।



