
असम के राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है। याचिका में उन करीब 19 लाख लोगों के मुद्दे को उठाया गया है, जिनके नाम अंतिम NRC सूची में शामिल नहीं हो पाए थे।
याचिकाकर्ताओं ने अदालत के सामने NRC प्रक्रिया, बाहर किए गए लोगों के अधिकार और आगे की कानूनी व्यवस्था से जुड़े सवाल रखे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है।
असम NRC की अंतिम सूची वर्ष 2019 में जारी की गई थी। इसका उद्देश्य राज्य में उन लोगों की पहचान करना था जो निर्धारित दस्तावेजों के आधार पर भारतीय नागरिकता के मानदंडों को पूरा करते हैं।
NRC से बाहर किए गए लोगों को अपनी नागरिकता साबित करने के लिए कानूनी प्रक्रिया का विकल्प दिया गया है। इनमें विदेशी न्यायाधिकरण (Foreigners Tribunals) में अपील करने की व्यवस्था भी शामिल है।
यह मामला लंबे समय से राजनीतिक और कानूनी चर्चा का विषय रहा है। विभिन्न पक्ष NRC प्रक्रिया की पारदर्शिता, दस्तावेजों की जांच और प्रभावित लोगों के अधिकारों को लेकर अपनी-अपनी दलीलें देते रहे हैं।
अब सुप्रीम कोर्ट के नोटिस के बाद केंद्र सरकार और अन्य पक्षों के जवाब के आधार पर मामले की आगे की सुनवाई होगी।


