
अमेरिका की राजनीति में भारतीय मूल के नेताओं का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। इसी क्रम में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारतीय मूल के युवा नेता विवेक रामास्वामी के समर्थन में बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से कहा कि “वह आपको कभी निराश नहीं करेंगे”, और साथ ही विवेक को ओहायो के गवर्नर पद के लिए अपना समर्थन भी घोषित कर दिया है।
ट्रंप के इस ऐलान के बाद अमेरिकी राजनीति में हलचल मच गई है। विवेक रामास्वामी, जो 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की ओर से ट्रंप के प्रतिद्वंद्वी के रूप में मैदान में उतरे थे, अब ट्रंप के करीबी सहयोगियों में गिने जा रहे हैं। ट्रंप ने विवेक की तारीफ करते हुए कहा कि वे न केवल एक सफल उद्यमी हैं बल्कि अमेरिका की नई पीढ़ी के लिए एक प्रेरणास्रोत भी हैं।
विवेक रामास्वामी का जन्म अमेरिका में भारतीय प्रवासी परिवार में हुआ था। वे हार्वर्ड और येल जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से शिक्षित हैं और एक सफल बिजनेसमैन के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। 2024 के चुनाव के दौरान विवेक ने अपनी साफगोई, तर्कशक्ति और अमेरिकी नीति पर स्पष्ट विचारों के कारण खास पहचान हासिल की थी।
ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि विवेक में नेतृत्व की वही क्षमता है जिसकी आज अमेरिका को जरूरत है। उन्होंने विवेक को “स्मार्ट, विजनरी और देश के प्रति समर्पित” बताया। विश्लेषकों के अनुसार, ट्रंप का यह समर्थन न केवल विवेक के राजनीतिक भविष्य के लिए बड़ा कदम है, बल्कि भारतीय मूल के समुदाय के बीच रिपब्लिकन पार्टी के समर्थन को भी मजबूत कर सकता है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि अगर विवेक रामास्वामी ओहायो के गवर्नर बनते हैं, तो यह भारतीय मूल के अमेरिकियों के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि होगी। वहीं, ट्रंप और विवेक की नजदीकियां रिपब्लिकन पार्टी के भीतर एक नए राजनीतिक समीकरण को जन्म दे सकती हैं। कुल मिलाकर, यह कदम अमेरिकी राजनीति में भारतीय मूल के नेताओं के बढ़ते प्रभाव का एक और सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है।



