
पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच करीब 21 घंटे तक चली मैराथन बातचीत आखिरकार बिना किसी ठोस नतीजे के खत्म हो गई। इस असफलता के पीछे जहां एक ओर पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त नीतियों का असर माना जा रहा है, वहीं दूसरी ओर तेहरान का कड़ा रुख भी बड़ी वजह बनकर सामने आया है। दोनों देशों के बीच परमाणु समझौते और प्रतिबंधों को लेकर गहरी खाई बनी हुई है, जिसे पाटने की कोशिशें एक बार फिर नाकाम साबित हुईं। इस घटनाक्रम ने वैश्विक राजनीति में तनाव बढ़ा दिया है और आने वाले समय में इसके व्यापक असर देखने को मिल सकते हैं।


