लाइफस्टाइल
एग्जाम स्ट्रेस और हार्ट ब्रेक में क्यों बढ़ती है जंक फूड की तलब?


तनाव, परीक्षा का दबाव या भावनात्मक टूटन जैसे हालात में अक्सर लोगों की जंक फूड खाने की इच्छा बढ़ जाती है। इसे इमोशनल ईटिंग कहा जाता है, जिसमें व्यक्ति भूख के बजाय भावनाओं के कारण खाना खाता है।
जब दिमाग तनाव में होता है, तो वह “डोपामिन” जैसे फील-गुड केमिकल की मांग करता है। जंक फूड अस्थायी रूप से खुशी का एहसास देता है, इसलिए लोग अनजाने में ऐसे खाने की ओर आकर्षित हो जाते हैं।
Psychology के अनुसार, यह व्यवहार एक तरह का कॉपिंग मैकेनिज्म है, जिससे व्यक्ति तनाव या उदासी से थोड़ी देर के लिए राहत पाने की कोशिश करता है।
हालांकि लगातार इमोशनल ईटिंग से वजन बढ़ना, खराब डाइट और मानसिक थकान जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए विशेषज्ञ संतुलित आहार और स्ट्रेस मैनेजमेंट तकनीकों को अपनाने की सलाह देते हैं।