केरल में 15,000 KM का ड्रग ऑपरेशन, 5 राज्यों में पीछा कर तस्कर गिरफ्तार

केरल में ड्रग तस्करी के खिलाफ चलाए गए एक बड़े ऑपरेशन में जांच एजेंसियों ने कई राज्यों तक फैले नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। मामला 23 अप्रैल को कोझिकोड में करीब 3.5 किलो MDMA की बरामदगी से शुरू हुआ था। इसके बाद 11 अधिकारियों की टीम ने आरोपितों का पीछा करते हुए करीब 15,000 किलोमीटर की यात्रा की और पांच राज्यों तक जांच का दायरा बढ़ाया।
जांच के दौरान अधिकारियों को पता चला कि बरामद ड्रग्स केवल स्थानीय स्तर की तस्करी का हिस्सा नहीं थे, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था। आरोपितों ने पुलिस की डिजिटल निगरानी से बचने के लिए विदेशी WhatsApp नंबरों और Wi-Fi कनेक्शन का इस्तेमाल किया था।
कार्रवाई के दौरान शफीक पीके और YouTube influencer फातिमा नसरीन समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में जांचकर्ताओं को नेटवर्क के अन्य सदस्यों और उनके ठिकानों के बारे में जानकारी मिली, जिसके बाद टीम ने अलग-अलग राज्यों में छापेमारी और गिरफ्तारी की कार्रवाई आगे बढ़ाई।
जांच में यह भी सामने आया कि ड्रग नेटवर्क के सदस्य पहचान छिपाने और मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग से बचने के लिए अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल कर रहे थे। अधिकारियों ने संदिग्धों की गतिविधियों को ट्रैक करने के लिए कई स्तरों पर तकनीकी और जमीनी जांच की।
केरल एक्साइज की इस कार्रवाई को राज्य में सिंथेटिक ड्रग्स के खिलाफ बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और ड्रग्स की सप्लाई किन रास्तों से की जा रही थी।
मुख्य बातें:
- करीब 3.5 किलो MDMA की बरामदगी से जांच शुरू हुई।
- 11 सदस्यीय टीम ने करीब 15,000 KM का सफर किया।
- जांच पांच राज्यों तक पहुंची।
- YouTuber समेत कई आरोपित गिरफ्तार किए गए।
- आरोपित डिजिटल ट्रैकिंग से बचने के लिए विदेशी नंबर और Wi-Fi का इस्तेमाल कर रहे थे।
- जांच एजेंसियां नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही हैं।



