
ऑपरेशन सिंदूर के बाद NSA अजीत डोभाल ने भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा नीति और आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सख्त संदेश दिया है। अपने पहले पोस्ट-सिंदूर इंटरव्यू में डोभाल ने कहा कि भारत की उदारता और सहनशीलता को कमजोरी समझना बड़ी भूल होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश अपने हितों और नागरिकों की सुरक्षा के लिए जरूरी जोखिम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।
डोभाल के मुताबिक ऑपरेशन सिंदूर का मुख्य उद्देश्य उन आतंकी ठिकानों को नष्ट करना था, जो पहलगाम आतंकी हमले से जुड़े थे। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन के लिए लक्ष्य पहले से स्पष्ट निर्धारित किए गए थे और कार्रवाई उसी रणनीति के तहत की गई।
NSA ने भारत की रणनीति को लेकर यह भी संकेत दिया कि देश केवल बयान जारी करने तक सीमित रहने के बजाय जरूरत पड़ने पर निर्णायक कार्रवाई करने की क्षमता रखता है। उनका संदेश था कि संभावित परिणामों के बावजूद राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकते हैं।
ऑपरेशन सिंदूर को लेकर भारत सरकार पहले भी इसे आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति में बदलाव का संकेत बता चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि भारत आतंकवादी हमले का जवाब अपनी शर्तों पर देगा और आतंकवाद के स्रोतों के खिलाफ कार्रवाई करेगा।
इस पूरे घटनाक्रम में डोभाल का बयान भारत की रणनीतिक प्रतिरोध क्षमता और राष्ट्रीय सुरक्षा प्राथमिकताओं को रेखांकित करता है। उनका संदेश साफ है कि भारत की शांति और संयम को उसकी कमजोरी नहीं माना जाना चाहिए और किसी भी गंभीर सुरक्षा चुनौती का जवाब देने के लिए देश तैयार है।



